चंडीगढ़: हाथ में लाठी लिए, धोती पहने अमेरिकन गांधी बर्नी मेयर ने आज एक कार्यक्रम के तहत शांति के प्रतीक गुब्बारे छोड़ लोगों को विश्व शांति का संदेश दिया। यह कार्यक्रम पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर 11 में एनजीओ युवसत्ता द्वारा आयोजित किया गया था। युवसत्ता 8वें इंटरनेशनल यूथ पीस फेस्ट का मुख्य आयोजक है। फेस्ट 27 सितंबर को शुरू होकर 2 अक्तूबर तक चलेगा। इसमें 50 से अधिक देशों के 300 प्रतिनिधि भाग लेंगे।
बर्नी मेयर जाने-माने शांति प्रचारक हैं और महात्मा गांधी के बताए मार्ग पर चलते हुए पूरी दुनिया को विश्व शांति व अहिंसा का संदेश दे रहे हैं। आज उन्होंने गर्म हवा के गुब्बारे आसमान में छोड़ दुनिया को संदेश दिया कि हम सभी एक हैं और एक ही ईश्वर की संतान हैं। हमें प्यार व खुशियां बांटने के लिए जीवन मिला है। इसलिए आपस में मिलजुल कर रहें और परस्पर प्रेमभाव व सद्भाव बनाये रखें। बर्नी अब तक अमेरिका, कनाडा व यूनाइटेड किंगडम सहित भारत के कई हिस्सों की यात्रा कर चुके हैं और पिछले 5 साल से लगातार इंटरनेशनल यूथ पीस फेस्ट का हिस्सा बन शांति का प्रचार कर रहे हैं।
कार्यक्रम में वियतनाम से आये शांति प्रचारक लैरी कर्शनेर, वेनेजुएला से आईं बैले डांसर नैरुस, पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर 11 की प्रिंसीपल डॉ. जे एस रघु, एल्यूमनी एसोसिएशन ऑफ कॉलेज के अध्यक्ष जे एस चीमा, बॉ बे सर्वोदय मंडल के सचिव टीआरके सोमैया, शांति प्रचारक व सामाजिक कार्यकर्ता लक्षमण गोले, युवसत्ता के समन्वयक प्रमोद शर्मा व स्वयंसेवकों ने भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर कॉलेज प्रिंसीपल डॉ. जे एस रघु ने बर्नी मेयर को शॉल भेंट कर सम्मानित भी किया।
युवसत्ता के समन्वयक प्रमोद शर्मा ने बताया, ‘इतना बड़ा आयोजन करना, विदेशों से आने वाले प्रतिनिधियों के लिए वीजा की व्यवस्था करना, आयोजन संबंधी आवश्यक संसाधन व सहयोग जुटाना बहुत बड़ी चुनौती है। पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, एल्युमनी एसोसिएशन ऑफ कॉलेज, ओक्सफैम इंडिया, एनजैडसीसी, स्टेट सेल ऑफ एससीसी, केबी डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुरुकुल ग्लोबल स्कूल, फ्रेंडस ऑफ चाइना सोसायटी, यूटी प्रशासन का वन एवं पर्यावरण विभाग, साइंस एवं प्रोद्यौगिकी विभाग एवं एनजीओ प्रकाश फाउंडेशन इस साल इंवेट के सहयोगी मेजबान हैं।’
प्रिंसीपल डॉ. जे एस रघु ने 8वें इंटरनेशनल यूथ पीस फेस्ट की सराहना करते हुए कहा कि युवा आज के समाज की बहुत बड़ी ताकत हैं। उन्हें न केवल इस तरह के आयोजनों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा हिस्सा ले चाहिए, बल्कि भारत सहित दुनिया भर में आपसी प्रेमभाव, भाइचारे, शांति, अहिंसा व सद्भावना बनाये रखने का संदेश देना चाहिए।