चंडीगढ़ : इंसान दुनिया में क्यों आया है? जीना क्या है? मरना क्या है? मोक्ष किसे कहते हैं? जीवन क्यों मिला है? आदि सवाल हर इंसान के मन में उठते हैं, लेकिन इस सवालों का जवाब उन्हें नहीं मिल पाता। जबकि इनका जवाब इंसान के अपने मन में छिपा है। जरूरत है तो बस मन में झांकने की। अपने अंर्तमन को टटोलने की। सारी शंकायें खुद व खुद मिट जाएंगी और जीवन सफल हो जाएगा। यह कहना है विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु व योगी लियोनार्ड ऑर।
लियोनार्ड अंतरराष्ट्रीय याति प्राप्त प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, योगी, दूरदर्शी व लेखक हैं और अमेरिका से आए हैं। वे पंचकूला के नॉर्थ पार्क में नौ-दिवसीय आध्यात्मिक कार्यशाला लगा रहे हैं, जिसमें वे शहरवासियों को री-बर्थिंग ब्रीर्थवर्क यानी कि श्वसन प्रक्रिया द्वारा खुद को जानने की कला सिखा रहे हैं। यह कार्यशाला 29 सितंबर तक सुबह के नौ बजे से रात के नौ बजे तक चलेगी।
लियोनार्ड खुद इस कला के जरिए जीवन-मरण के रहस्य से वाकिफ हो चुके हैं और दुनिया को भी यह रहस्य बताना चाहते हैं। इस नौ-दिवसीय कार्यशाला में लियोनार्ड लोगों को जीवन जीने के विभिन्न तरीके, गुस्सा, डर, तनाव जैसी स्वाभाविक भावनाओं से निजात पाने और दिन-भर की भागदौड़ के बाद श्वसन प्रक्रिया द्वारा खुद को राहत देने का गुरुमंत्र बतायेंगे।
लियोनार्ड संयुक्त राज्य अमेरिका, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, इसराइल, स्पेन, स्वीडन, ब्रिटेन और वेनेजुएला जैसे देशों में 10 लाख से अधिक लोगों को जीवन की वास्तविकता से रूबरू करा चुके हैं। नौ दिन की इस कार्यशाला मे एक, तीन या पांच दिन के विकल्प के साथ भाग लिया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अर्चना लखोटिया 098310-31075 से संपर्क कर सकते हैं।