चंडीगढ़ - एक टीवी चैनल पर दिखाये जा रहे ऐतिहासिक धारावाहिक ‘जोधा-अकबर’ पर रोक लगाने की मांग को लेकर सैंकड़ों समर्थकों की भीड़ चंडीगढ़ में अचानक उग्र हो गयी। भीड़ इस कदर अनियंत्रित हो गई की पुलिस को भारी बल का प्रयोग करना पड़ा। आंसू गैस के गोले व पानी दागती रही और प्रदर्शनकारी पथराव करते रहे। चंडीगढ़ पुलिस के साथ हुई भिड़ंत में दोनों ओर से पत्थरबाजी में चार पुलिस कर्मचारी तथा छह प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आयीं। जबकि सैकड़ों लोगों को हल्की चोटें आयीं। उन्हें इलाज के लिये सेक्टर-16 के जनरल अस्पताल ले जाया गया था।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के समर्थकों द्वारा सेक्टर 25 में यह प्रदर्शन किया गया। सुबह से ही सेक्टर 25 स्थित महाराणा प्रताप छात्रावास में महासभा के समर्थक एकत्र होना शुरू हो गये थे। करीब साढ़े 11 बजे रैली ग्राउंउ में प्रदर्शनकारी पहुंचना शुरू हो गये। इस रैली में करीब 4 हजार प्रदर्शनकारियों के आने की संभावना जतायी गयी थी मगर रैली ग्राउंड तक पहुंचने से पूर्व ही पुलिस ने शहर की सीमाओं पर कुछ लोगों को वहीं रोक दिया। अपराह्न साढ़े 12 बजे तक रैली ग्राउंड प्रदर्शनकारियों से खचाखच भर गया। इस दौरान डीएसपी आशीष कपूर समेत सभी थानों के एसएचओ व अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दी गयी थी। पहले तो प्रदर्शनकारी धारावाहिक हो लेकर नारेबाजी करते रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान राज्यपाल से मिलने के लिए कदम आगे बढ़ाए तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा तो समर्थक पुलिस के साथ उलझ पड़े। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग तोडऩे का प्रयास किया गया गया। स्थिति खराब होने पर पुलिस ने जैसी ही पानी की बौछारें छोड़ीं तो प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर पत्थराव करना शुरू कर दिया। इस बीच स्थिति और तनावपूर्ण हो गयी। पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। तनाव की यह स्थिति करीब तीन घंटे तक बनी रही।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के नेता वेदपाल तंवर ने कहा कि धारावाहिक का प्रसारण न केवल ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत है बल्कि हिन्दु समाज को अपमानित करने व भावनात्मक रूप से भड़काने का एक कुप्रयास है। वेदपाल तंवर ने कहा कि उक्त धारावाहिक में एक विशेष समाज के बारे अशोभनीय व अपमानजनक दृश्य दिखाये जा रहे हैं। समाज इसकी घोर निंदा करता है। साथ ही यह भी मांग करता है कि इस धारावाहिक के प्रसारण पर फौरन प्रतिबंध लगाया जाये।