चंडीगढ़ – पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में एकाएक आए बदलाव के कारण चंडीगढ़ व आसपास बादलों ने तूफानी हवाओं के साथ जमकर बरसे।
जून की तपती गर्मी के मौसम ने अचानक ऐसी करवट ली कि शहर में काली घटाओं से दिन में ही अंधेरा पसर गया। तूफानी हवाओं के साथ चमकती बिजली ने भी अपना रंग दिखाया। बारिश के साथ चले तेज़ हवाओं के तूफान के कारण शहर में कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। साथ ही चंडीगढ़ के अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ने भी जनजीवन प्रभावित किया। चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में अधिकांश सड़कों पर पानी ने बाढ़ का रूप ले लिया था। जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। कई लोगों के वाहन बंद हो गए।
वैसे तो वीरवार दिन की शुरुआत भी हल्के छींटों से हुई। दिन में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
एयरपोर्ट एरिया में जहां 40 मि. मीटर बारिश रिकार्ड हुई वहीं अन्य हिस्सों में 9 से 10 मि. मीटर बारिश दर्ज की गई। शहर पानी से तरबतर हो गया। चौराहों पर पानी जमा होने से कई वाहन फंसते हुए नजर आए।
सेक्टर 28 में सरकारी मकान नंबर 1099 के बाहर एक पेड़ पर बिजली आ गिरी। मकान मालिक और अन्य लोग इस हादसे से बुरी तरह से सहम गये थे।
तेज आंधी के कारण शहर के अधितकतर सैक्टरों में पेड़ गिरने से बिजली की आपूर्ति बंद हो गई। भारी बरसात के चलते जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं नालागढ़ एवं मोहाली की ओर से आने वाली विद्युत आपूर्ति की लाइनों में फाल्ट आने व औद्योगिक क्षेत्र एक के 66 केवी के सब स्टेशन में गड़बड़ी से पूरे शहर में साढे चार बजे से आठ बजे तक बिजली बंद रही। इससे लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। कई सैक्टरों एवं मार्किटों में लाइट न होने से समय से पहले ही बंद हो गए।