चंडीगढ़। शहर की स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) युवसत्ता के वॉलंटियर्स ने वीरवार को गुरुपर्व की पूर्व संध्या पर चंडीगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी (सीआईएचएम), सेक्टर 42 के छात्रों और स्टाफ के साथ मिलकर वैश्विक प्रचार के लिए 18वें ग्लोबल यूथ पीस फेस्ट-जीवाईपीएफ 2025 का ध्वज जारी किया, जिसका विषय है 'शांति संभव है'। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में सीआईएचएम, सेक्टर-42 के प्रिंसिपल विशाल कालिया, युवसत्ता के संस्थापक प्रमोद शर्मा, गांधीवादी शांति कार्यकर्ता देव तायडे, मुंबई के आईटी प्रोफेशनल संतोष भुवद शामिल थे।
इस मौके पर प्रमोद शर्मा ने कहा कि चंडीगढ़ में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2025 तक आयोजित होने वाले उनके वार्षिक ग्लोबल यूथ फेस्ट का यह 18वां संस्करण गैर-लाभकारी संगठनों, युवा लोगों और महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले एजुकेशनल नेटवर्क, वैश्विक दक्षिण-विकासशील देशों के समान संगठनों को एक साथ मंच पर लाएगा। प्रमोद ने साझा किया कि युद्ध थोपा जा सकता है, लेकिन शांति संभव है। जीवाईपीएफ 2025 का ध्वज चंडीगढ़ में श्री गुरु नानक देव जी की जयंती की पूर्व संध्या जारी किया गया है - जिनके मानवता की एकता और शांति के संदेश का दुनिया भर में लाखों लोग अनुसरण करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जीवाईपीएफ 2025 के लिए हमारी परिकल्पना है कि विश्व भर से परिवर्तनकर्ता ऑनलाइन रूप से एकत्रित होंगे तथा सितंबर-अक्तूबर 2025 में चंडीगढ़ में एकत्रित होंगे।
विशाल कालिया ने कहा कि जीवाईपीएफ 2025 के लिए ‘शांति संभव है’ का व्यापक विषय लैंगिक समानता के लिए संघर्ष, सामाजिक उद्यमिता पर ध्यान केंद्रित करना और युवाओं के मन में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की सदियों पुरानी भारतीय भावना को विकसित करना है, जो एक संस्कृत वाक्यांश है, जिसका अर्थ है, विश्व एक परिवार है। ग्लोबल यूथ पीस फेस्ट के वैश्विक डिजिटल प्रचार की देखरेख कर रहे संतोष भुवद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले साल दुनिया के लगभग सभी महाद्वीपों से कम से कम 50 देशों के युवा इसमें शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि जीवाईपीएफ 2025 प्रयास में प्रमुख साझेदारों में अंतर्राष्ट्रीय युवा केंद्र, मलेशिया, लेट हर इन इंटरनेशनल-यूरोप, इंटरनेशनल यूथ काउंसिल ऑफ मॉरिशस, हैव ए ड्रीम, ईजिप्ट, एनिमल सेंटर, यूएसए, वर्ल्ड असेंबली ऑफ यूथ-वे, सेंटर फॉर पीस एंड सेक्युलर स्टडीज पाकिस्तान और द वाइब, मालदीव शामिल हैं। युवा नेतृत्व और शांति स्थापना को बढ़ावा देने के लिए युवसत्ता-एनजीओ के तीन दशकों से अधिक लंबे प्रयासों की सराहना करते हुए देव तायडे ने कहा कि जीवाईपीएफ 2025 में, दक्षिण एशिया-सार्क देशों के लोगों को पीएफएफआरओएसएए-पीपुल्स फोरम फॉर राइज ऑफ साउथ एशिया के बैनर तले एक मंच पर लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे, जिसमें शांति क्लबों के विकास और स्वयंसेवा पर जोर दिया जाएगा।