Hindi English Sunday, 18 October 2026
BREAKING
• 70 फुट ऊंचे रावण और भव्य आतिशबाजी के साथ मनेगा सेक्टर 49 में दशहरा • चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन नंदोत्सव और तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव बड़े उत्साह से मनाया गया; भक्ति मंत्रों से गूंजा पंडाल • सी.आर.बी. पब्लिक स्कूल, सेक्टर-7 का वार्षिकोत्सव ‘झंकार’ बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित • एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना • दो दिवसीय नि:शुल्क एक्यूपंक्चर एवं मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आगाज़ • श्रीराम के आदर्श हमारे आचरण और सामाजिक जीवन का हिस्सा बनें : नरेश अरोड़ा • चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, इंद्रेश महाराज के प्रवचनों और भजनों से कृष्णमय हुआ शहर • फोर्टिस मोहाली ने आधुनिक इमेजिंग, फ्लोरेसेंस-गाइडेड सर्जरी और रोबोटिक प्रक्रियाओं से स्तन कैंसर के इलाज को आगे बढ़ाया • श्रीमद्भागवत कथा एवं तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव का भव्य आयोजन आज से • भरत-कैकेयी संवाद ने दर्शकों को किया इमोशनल

चंडीगढ़

More News

किताब ’संगीत बंगाल से बॉलीवुड’ का हुआ विमोचन

Updated on Monday, November 11, 2024 10:08 AM IST

बॉलीवुड फिल्मी सदाबहार गानों में बांग्ला संगीत के प्रभाव की सुंदरता को वर्णित करती है डाॅ संगीता चौधरी की किताब

चंडीगढ़ 10 नवम्बर 2024ः शास्त्रीय संगीत गायिका व लेखिका डाॅ संगीता चौधरी लाहा का नई किताब ’संगीत बंगाल से बॉलीवुड’ का विमोचन रविवार को पंजाब कला भवन, सेक्टर 16 में किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर आचार्यकुल चंडीगढ़ अध्यक्ष व लेखक केके शारदा ने शिरकत की। इस दौरान उनके साथ विशेष अतिथि के तौर पर वरिष्ठ साहित्यकार प्रेम विज, सुप्रसिद्ध साहित्यकार डाॅ विनोद कुमार शर्मा और किताब की लेखिका डाॅ संगीता चौधरी लाहा उपस्थित थी ।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवल कर किया गया। जिसके बाद डाॅ संगीता चौधरी लाहा के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जिसे सभी ने सराहा। गणमान्य व्यक्तियों द्वारा लेखिका डाॅ संगीता चौधरी की किताब का विमोचन किया गया जिसके उपरांत किताब पर चर्चा की गई।

डाॅ संगीता ने किताब पर चर्चा करते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल भारत में सबसे जीवंत और विविध संगीत संस्कृतियों में से एक है, जहां कई गायकों और संगीत निर्देशकों ने हिंदी फिल्मों में अपनी पहचान बनाई है। बांग्ला गाने पूरे भारत में बहुत पसंद किए जाते हैं, खासकर हिंदी फिल्मी गानों के लिए। के सी. डे, पंकज मलिक, तिमिर बरन और अनिल विश्वास जैसे पुराने कलाकारों ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विश्व कवि और संगीतकार रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा रचित गीत, जिसे रविंद्र संगीत के नाम से जाना जाता है, ने कई लोकप्रिय हिंदी फिल्मी गीतों के लिए प्रेरणा का काम किया है। हम सभी बहुत सारे लोकप्रिय और सदाबहार नए और पुराने हिंदी गाने सुनते आ रहे हैं, उनका प्रभाव बंगाल संगीत से ही है। इस दौरान उन्होंने कुछ गानों को गाकर भी सुनाया।

उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अपने माता पिता स्वर्गीय मंजू चौधरी व पिता स्वर्गीय निर्मलेंदु चौधरी को समर्पित की हैं। पुस्तक के संपादन के लिए अशोक अग्रवाल और डॉ अनिता सुरभि का हार्दिक आभार प्रकट करती हैं। डॉ संगीता ने बताया कि उनके पति डॉ सुप्रभात लाहा ने उन्हें इस पुस्तक को पूरा करने में पूरा सहयोग दिया है।

वरिष्ठ साहित्यकार प्रेम विज ने पुस्तक पर चर्चा करते हुए कहा कि डाॅ संगीता की नवीनतम पुस्तक संगीत बंगाल से बॉलीवुड में संगीत के साथ साथ संगीतकारों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। हिंदी फिल्मी नये व पूराने किसी न किसी रूप से बंगाल संगीत से प्रभावित हैं। यह पुस्तक संगीत के शोध छात्रों व प्रेमियों के लिए बहुत सहायक सिद्ध होंगी।

वहीं सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ विनोद शर्मा ने कहा कि डॉ संगीता की पुस्तक बंगाल से बॉलीवुड ज्ञान का भंडार है। इसमें दी गई गानों की पंक्तियां, कार्यकाल, गायकों, गीतकारों और संगीतज्ञों की शैली की विस्तृत जानकारी मुहैया करवाती है। उन्होंने कहा कि पुस्तक की भाषा आम बोलचाल की भाषा है। जिसे साधारण पाठक भी इसे आसानी से समझ सकता है। शिक्षा के क्षेत्र के महत्व से देखा जाए तो यकीनन यह पुस्तक संगीत के विषय में अध्ययन कर विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए कारगर सिद्ध होगी।

समाज सेवी केके शारदा ने इस अवसर पर कहा कि किताब में लेखन की शैली पाठकों में एकाग्रता को बढाती है। डाॅ संगीता का यह प्रयास यह पाठकों के बीच उत्सुकता का चिन्हित करती है।

डाॅ संगीता इस पुस्तक से पूर्व 7 किताबें लिख चुकी हैं जिनमें काजी नजरूल इस्लाम द्वारा रचित गीतों का अवलोकन, नजरूल गीती, बंगाल का लोक संगीत (एक परिचय), काजी नजरूल इस्लाम के नवराग, रविन्द्रनाथ टैगोर एंड काजी नजरूल इस्लाम इन सेम ऐरा(इंग्लिश), युगप्रवर्तक, बंगाल का संगीत एवं संगीतज्ञ किताब है, जिन्हें पाठकों ने सराहा हैं।

इस अवसर पर डॉ संगीता के संगीत शिष्यों ने पुस्तक के कुछ अंश संगीत रूप में प्रस्तुत किये जिनमें अलियाना कौशल, रिहाना कौशल, अंजली सूरी, ममता गोयल, सुनीता गोयल, राजकुमार बतिश, मोना शर्मा, रघुवंश कौशल, पवन कुमार शर्मा शामिल थे।

मंच का संचालन अंजली सूरी और ममता गोयल ने बखूबी किया।

Have something to say? Post your comment
70 फुट ऊंचे रावण और भव्य आतिशबाजी के साथ मनेगा सेक्टर 49 में दशहरा

: 70 फुट ऊंचे रावण और भव्य आतिशबाजी के साथ मनेगा सेक्टर 49 में दशहरा

सी.आर.बी. पब्लिक स्कूल, सेक्टर-7 का वार्षिकोत्सव ‘झंकार’ बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित

: सी.आर.बी. पब्लिक स्कूल, सेक्टर-7 का वार्षिकोत्सव ‘झंकार’ बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित

एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना

: एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना

दो दिवसीय नि:शुल्क एक्यूपंक्चर एवं मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आगाज़

: दो दिवसीय नि:शुल्क एक्यूपंक्चर एवं मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आगाज़

भरत-कैकेयी संवाद ने दर्शकों को किया इमोशनल

: भरत-कैकेयी संवाद ने दर्शकों को किया इमोशनल

शहर में पहली बार: भव्य 'टाइटैनिक शिप कार्निवाल' का आयोजन

: शहर में पहली बार: भव्य 'टाइटैनिक शिप कार्निवाल' का आयोजन

श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ के वार्षिक समारोह की तैयारियां शुरू, मंदिर कमेटियों को दिए जा रहे निमंत्रण

: श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ के वार्षिक समारोह की तैयारियां शुरू, मंदिर कमेटियों को दिए जा रहे निमंत्रण

गीतांजलि अरोड़ा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया भारत का मान

: गीतांजलि अरोड़ा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया भारत का मान

श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति से लेकर प्रभु श्रीराम के जन्म तक की लीलाओं ने दर्शकों को किया भावविभोर

: श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति से लेकर प्रभु श्रीराम के जन्म तक की लीलाओं ने दर्शकों को किया भावविभोर

ऑल पंजाब क्रशर एसोसिएशन ने उठाए उद्योग की समस्याओं के मुद्दे, सरकार से जल्द हस्तक्षेप की मांग

: ऑल पंजाब क्रशर एसोसिएशन ने उठाए उद्योग की समस्याओं के मुद्दे, सरकार से जल्द हस्तक्षेप की मांग

X