चण्डीगढ़ - ब्रह्म कुमारीज संगठन की यहां सैक्टर,15-ए स्थित स्थानीय शाखा ब्रह्म कुमारीज ऑफ ग्लोबल पीस हाऊस में न्यूरोविक्स-स्वस्थ जीवनशैली के लिए मानसिक एवं शारीरिक व्यायाम विषय पर एक सावर्जनिक आध्यात्मिक उपचार सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें इस सैक्टर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस सत्र में पंचकूला के बी के गौरव की साईको न्यूरोविक्स तकनीक विज्ञान पर चर्चा एवं अभ्यास किया गया। गौरव साईको न्यूरोविक्स उपचार विज्ञान में पारंगत हैं।
न्यूरोविक्स विज्ञान एवं उसके लाभ पर प्रकाश डालते हुए बी के गौरव ने बताया कि इस तकनीक में हम अपनी मन की शक्ति के माध्यम से सार्वभौमिक ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ मानसिक रूप से खुद को जोड़ते हैं और फिर उसे न्यूरॉन्स के माध्यम से शरीर के विभिन्न अंगों में स्थानांतरित करते है। उन्होंने कहा कि हमारे शरीर में विद्यमान सात ऊर्जा बिन्दुओं को न्यूरोविक्स के माध्यम से सक्रिय करके किसी भी प्रकार के रोग से उबरा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि न्यूरोविक्स के माध्यम से लोगों को सिरदर्द,कमजोर दृष्टि, माईग्रेन, दमा, अम्लता, हृदय रोग, मधुमेह, रक्तचाप, तनाव, मांसपेशियों की समस्या, हड्डियों को मजबूत बनाने की समस्याओं के लिए आसान एवं व्यावहारिक समाधान मिल गया है। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को याददाशत बढ़ाने, एकाग्रता, अनिद्रा आदि के लिए भी समाधान मिला है।
इस अवसर पर बोलते हुए बहन अनिता ने कहा कि लोगों में लगातार बढ़ रही एकाग्रता एवं स्वास्थ्य सम्बन्धित शिकायतों के मद्देनजर न्यूरोविक्स तथा राजयोग का यह सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि नीमानिक (स्मरण) एवं राजयोग के प्राचीन ज्ञान को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई यह एक नवीन तकनीक है। यह तकनीक हमारी समस्त ऊर्जा शक्ति को बनाए रखती है, जो हमें अपना स्वयं का पुरा गुरु बनने में सहायता करती है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि गिनीज विश्व रिकॉर्ड धारक एवं राजयोगी डॉ0 बी के चन्द्रशेखर ने इस न्यूरोविक्स तकनीक की शुरूआत की थी, जिन्होंने राजयोग एवं न्यूरोविक्स अभ्यास के माध्यम से अपने मन की शक्ति को सशक्त बनाकर अपने ही कैंसर, मधुमेह और हेपेटाइटिस-सी का उपचार किया। इस मानसिक अभ्यास से देश एवं विदेशों के कई लोग लाभान्वित हो चुके हैं।