चंडीगढ़: चंडीगढ़ के 75 से अधिक स्कूलों में सक्रिय पीस क्लबों के लिए राष्ट्रीय एकता, सामाजिक कार्य एवं अहिंसा पर आयोजित दो-दिवसीय वर्कशॉप आज यहां डीएवी डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लाहौर) सेक्टर 8-सी में संपन्न हो गयी। इसका आयोजन युवसत्ता, प्रकाश फाउंडेशन एवं पीस क्लब द्वारा चंडीगढ़ के शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
प्रचलित सोच के विपरीत स्कूली बच्चों ने अंिहंसा की शक्ति को महत्व दिया। पीस क्लबों से जुड़े बच्चों को वर्कशॉप में भाग लेने के प्रमाणपत्र और महात्मा गांधी की आत्मकथा की प्रतियां भेंट स्वरूप प्रदान की गयीं। अहिंसा की बात आते ही सभी बच्चों ने इसके प्रति अपनी सहमति में हाथ उठा दिये।
चंडीगढ़ प्रशासन में संयुक्त सचिव श्री एसके सेतिया आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा, ‘हम सब अलग-अलग जाति-धर्मों और क्षेत्रों में बंटे होने और विविध भाषाएं बोलने के बावजूद एक देश में हैं। एक प्रगतिशील और मजबूत राष्ट्र के लिए इस तरह की एकता बहुत महत्व रखती है। इन भावनाओं को स्कूली बच्चों तक पहुंचाते रहने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का विशेष महत्व है।’
पीस क्लबों के जरिये ‘गर्ल चाइल्ड फ्रेंडली चंडीगढ़’ अभियान के समर्थन में बोलते हुए प्रीतलारी पत्रिका की संपादक सुश्री पूनम सिंह और अमेरिकी इनकॉर्प फैलो सुश्री दिव्यसूर्या ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा के मसले पर बच्चों से रोचक वार्तालाप किया। बच्चों ने लड़कियों के अधिकारों को रेखांकित करने के लिए स्कूलों में ऑडियो-विजुअल शो आयोजित करने और नोटिस बोर्डों पर प्रेरणादायक संदेश डिसप्ले करने संबंधी सुझाव दिये। नुक्कड़ नाटक, परिचर्चाएं, क्विज प्रतियोगिताएं, लैक्चर, प्रदर्शनी, बच्चों व उनके अभिभावकों से चर्चा आदि करने जैसे सुझाव भी सामने आए।
युवसत्ता के अध्यक्ष श्री प्रमोद शर्मा ने कहा, ‘इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘गर्ल चाइल्ड फ्रेंडली चंडीगढ़’ अभियान को गति देना था। इस अभियान के तहत हम चाहते हैं कि लड़कियां सशक्त, सक्षम और सुरक्षित महसूस करें। तभी वे अपनी पूरी क्षमताओं को प्रदर्शित कर आगे बढ़ सकेंगी।’
स्कूल शिक्षा की डिप्टी डायरेक्टर सुश्री सरोज मित्तल ने समापन सत्र की अध्यक्षता की। शिक्षाशास्त्री डॉ. होशांग गारमॉड, प्रकाश फाउंडेशन के चेयरमैन श्री नरविजय यादव, डीएवी कॉलेज के प्रोफे सर अनिल सारवाल एवं सेक्टर 8-सी, डीएवी सी. सेकेंडरी स्कूल (लाहौर) की प्रिंसीपल डॉ. विभा रे ने भी बच्चों को संबोधित किया।