पीएचडीसीसीआई ने एमएसएमई निदेशालय हरियाणा के साथ मिलकर किया आयोजन
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के एमएसएमई निदेशालय के सहयोग से पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के हरियाणा स्टेट चैप्टर द्वारा 'रेज़िंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉरमेंस' (रैंप) कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को महत्वपूर्ण जानकारी, व्यावहारिक समझ, संस्थागत समर्थन और विकास के अवसर प्रदान करके सशक्त बनाना था, ताकि वे अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता और व्यावसायिक प्रदर्शन को बेहतर कर सकें।
पीएचडीसीसीआई की क्षेत्रीय निदेशक, सुश्री जिज्ञासा नरूला ने प्रतिभागियों और विशिष्ट वक्ताओं का स्वागत करते हुए जागरूकता, क्षमता निर्माण और उद्योग की भागीदारी के माध्यम से एमएसएमई इकोसिस्टम को मजबूत करने के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के पहले सत्र में साइबर सुरक्षा अनुपालन और ऑडिट सलाहकार तथा 'साइबर स्पलंक साइबर सिक्योरिटी' के संस्थापक तरुण मल्होत्रा ने आज के व्यावसायिक माहौल में डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा के बढ़ते महत्व पर चर्चा की। उन्होंने सामान्य साइबर खतरों, डेटा सुरक्षा के तरीकों और एमएसएमई के लिए सुरक्षित डिजिटल संचालन की आवश्यकता के बारे में विस्तार से बताया। दूसरे सत्र में पीएचडीसीसीआई के मुख्य अर्थशास्त्री और भारत सरकार के 'डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट मिशन' के नोडल अधिकारी सनत कुमार ने निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने के इच्छुक एमएसएमई के लिए उपलब्ध अवसरों के बारे में जानकारी दी। कैनम के मानव संसाधन प्रमुख सुरिंदर कोहली ने उत्पादक, प्रेरित और भविष्य के लिए तैयार संगठन बनाने में प्रभावी मानव संसाधन प्रबंधन पर अपने विचार व्यक्त किए। इस सत्र में एमएसएमई की बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रभावी एचआर प्रथाओं को विकसित करने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। एनएसई/बीएसईआई के 'सहायक कंसल्टेंट' के प्रबंध निदेशक, संदीप साहनी ने एमएसएमई के लिए वित्त जुटाने और व्यवसाय विस्तार के लिए अपने पूंजी आधार को मजबूत करने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की।