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• श्रीराम के आदर्श हमारे आचरण और सामाजिक जीवन का हिस्सा बनें : नरेश अरोड़ा • चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, इंद्रेश महाराज के प्रवचनों और भजनों से कृष्णमय हुआ शहर • फोर्टिस मोहाली ने आधुनिक इमेजिंग, फ्लोरेसेंस-गाइडेड सर्जरी और रोबोटिक प्रक्रियाओं से स्तन कैंसर के इलाज को आगे बढ़ाया • श्रीमद्भागवत कथा एवं तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव का भव्य आयोजन आज से • भरत-कैकेयी संवाद ने दर्शकों को किया इमोशनल • शहर में पहली बार: भव्य 'टाइटैनिक शिप कार्निवाल' का आयोजन • श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ के वार्षिक समारोह की तैयारियां शुरू, मंदिर कमेटियों को दिए जा रहे निमंत्रण • गीतांजलि अरोड़ा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया भारत का मान • श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति से लेकर प्रभु श्रीराम के जन्म तक की लीलाओं ने दर्शकों को किया भावविभोर • ऑल पंजाब क्रशर एसोसिएशन ने उठाए उद्योग की समस्याओं के मुद्दे, सरकार से जल्द हस्तक्षेप की मांग

Religion & Culture

संयुक्त पारिवारिक व्यवस्था को देख पितृ देवता होते है प्रसन्न: परम् पूज्य श्री सुरेश शास्त्री जी

संयुक्त पारिवारिक व्यवस्था को देख पितृ देवता होते है प्रसन्न: परम् पूज्य श्री सुरेश शास्त्री जी

पितृ श्राद्ध के अवसर पर पितृ मोक्ष महायज्ञ एवं श्री मद् भागवत कथा के  भव्य आयोजन के उपलक्ष्य पर गंगोत्री के प्रसिद्ध कथा वाचक परम् पूज्य श्री सुरेश शास्त्री जी ने श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए बताया

सब-कुछ अणु-परमाणुओं से बना है -  श्री श्री रविशंकर

सब-कुछ अणु-परमाणुओं से बना है - श्री श्री रविशंकर

समस्त सृष्टि केवल एक संगठन है जहां सभी परमाणु विशेष रूप में संगठित होकर विशेष तत्व बनाते हैं और उसके ये विशिष्ट रूप उनमें निश्चित गुण लाते हैं. मृत्यु, क्षय, रूपांतरण तब होता है जब परमाणु अपने रूप से ऊब कर फिर से संगठित होने का निश्चय करते हैं.

विक्रम संवत के नववर्ष की शुरुआत 11 अप्रैल से

विक्रम संवत के नववर्ष की शुरुआत 11 अप्रैल से

विक्रम संवत के नववर्ष की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होती है. इसी दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि का निर्माण किया था. इसमें मुख्यतया ब्रह्माजी और उनकी निर्माण की हुई

शिवरात्रि : परमात्मा शिव के दिव्य अवतरण और दिव्य कर्म का यादगार पर्व

शिवरात्रि : परमात्मा शिव के दिव्य अवतरण और दिव्य कर्म का यादगार पर्व

काल चक्र अविरल गति से घूमता है। भूतकाल की घटनाओं की केवल स्मृति ही रह जाती है।

परमात्मा की कृपा पाने के लिए बुद्धि रूपी बर्तन शुद्ध होना चाहिए : रमेश बहन

परमात्मा की कृपा पाने के लिए बुद्धि रूपी बर्तन शुद्ध होना चाहिए : रमेश बहन

परमात्मा से प्राप्तियां प्राप्त करने के लिए बुद्धि रूपी बर्तन शुद्ध होना चाहिए परमात्मा को महल, गाडिय़ां, पैसे कुछ नहीं चाहिए

 हर सुबह इस मंत्र से करें महाकाल का ध्यान, मुसीबतें नहीं आएंगी सामने

हर सुबह इस मंत्र से करें महाकाल का ध्यान, मुसीबतें नहीं आएंगी सामने

ज़िंदगी में किसी भी वजह से आया बुरा वक्त बड़ा मुश्किल होता है। किंतु व्यावहारिक तौर पर इस सच्चाई को भी नकारा नहीं जा सकता कि अच्छाई का संग मिलने से ही बुराई दूर होने लगती है। इसी सोच व आस्था से हिन्दू धर्म परंपराओं में बुरे वक्त, हालात या बदहाली से बचने के लिए शिव उपासना मंगलकारी मानी गई है।

गुरु नानक देव की वाणी - जिंदगी झूठ, मौत सच!

गुरु नानक देव की वाणी - जिंदगी झूठ, मौत सच!

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