ज़िंदगी में किसी भी वजह से आया बुरा वक्त बड़ा मुश्किल होता है। किंतु व्यावहारिक तौर पर इस सच्चाई को भी नकारा नहीं जा सकता कि अच्छाई का संग मिलने से ही बुराई दूर होने लगती है। इसी सोच व आस्था से हिन्दू धर्म परंपराओं में बुरे वक्त, हालात या बदहाली से बचने के लिए शिव उपासना मंगलकारी मानी गई है। क्योंकि शिव भक्ति का मूल भाव ही शुभ को अपनाना है।
खासतौर पर भगवान शिव का महाकाल स्वरूप काल के हर भय को दूर करने वाला माना गया है। शिव के इस अद्भुत स्वरूप की उपासना का फल केवल काल या मृत्यु को टालने के ही अर्थ में ही नहीं है, बल्कि संदेश है कि शिव भक्ति काल यानी वक्त को भी अनुकूल बनाने वाली है।
ऐसे ही भावना से शिवपुराण में आए एक मंत्र व ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर का स्मरण हर रोज ध्यान मात्र ही, न केवल बड़ा ही संकटमोचक व मंगलकारी माना गया है बल्कि सारे ग्रह दोष दूर कर गृह दशा सुधार वाला भी।
हर दिन के अलावा शिव भक्ति के खास दिनों जैसे सोमवार, प्रदोष या चतुर्दशी तिथि में तो इन आसान व अचूक शिव मंत्रों का स्मरण खासतौर पर उज्जैन स्थित श्रीमहाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग के सामने या संभव न होने पर किसी भी ज्योर्तिलिंग या उनकी तस्वीर के सामने भी बोलें तो यह पलों में दु:ख व दरिद्रता दूर करने वाला माना गया है। अगली तस्वीरों पर क्लिक कर जानिए यह शिव मंत्र, श्रीमहाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग का मंगलकारी ध्यान मंत्र व आसान पूजा उपाय -