नई दिल्ली। नितिन गडकरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में दूसरा कार्यकाल दिये जाने पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में आपसी सहमति नहीं बन पा रही है। वहीं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का कहना है कि उन्होने राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में गडकरी पर अंतिम फैसला कर लिया है। आरएसएस का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लाल कृष्ण आडवाणी ने भाजपा अध्यक्ष के रूप में सुषमा स्वराज और नरेंद्र मोदी के नाम पर विचार करने को कहा था। सूत्रों के अनुसार संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भाजपा के वरिष्ठ नेता आडवाणी से फोन पर बातें की और कहा कि संघ ने इस पर अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। गौरतलब है कि नितिन गडकरी भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। जिसके कारण राम जेठमलानी ने भी उनसे इस्तीफा देने की अपील की थी। आरएसएस ने साफ तौर पर यह भी कह दिया है कि संघ अध्यक्ष पद के लिए किसी और को समर्थन नहीं देगा। अध्यक्ष पद पर दोबारा चुने जाने के लिए सोमवार को अधिसूचना जारी हो सकती है।