जयपुर। कांग्रेस उपाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार भाषण देते हुए राहुल गांधी बेहद भावुक अंदाज में दिखे। अपने इमोशनल अंदाज में राहुल गांधी ने कहा कि अब व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। जो कि कांग्रेस पार्टी ही करेगी। मुझे नयी जिम्मेदारी दी गयी है जिस पर मैं खरा उतरने की कोशिश करूंगा। राहुल ने उन अटकलों और डर पर विराम लगाया जो कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के दिल में था कि राहुल के आने के बाद नये और युवा नेताओं के आगे वरिष्ठ नेताओं की नही सुनी जायेगी। राहुल गांधी ने कहा कि मैं सब की सुनुंगा, युवा, बुजुर्ग और महिला। जो भी देश और पार्टी का कार्य करेगा वो सुनने का पात्र होगा। राहुल गांधी ने कहा हमे नयी सोच के साथ व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। हमें केवल चुनाव के लिए नहीं बल्कि हर वक्त के लिए ऐसे 40-50 नेता हमेशा तैयार खड़े करने होंगे जो कि देश के पीएम और सीएम की कुर्सी को हमेशा संभाल लें। ना कि मौके पर हमें चेहरों की तलाश हो। राहुल गांधी ने कहा कि हमें उन कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की मेहनत को भी पलकों पर बिठाना होगा जो दिन-रात की मेहनत से संगठन को मजबूत बनाते हैं लेकिन उन्हें उसका इनाम नहीं मिलता। उनकी मेहनत पर कोई अगला राज करता है। हमें यह नियम बदलना होगा तभी भला हो सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि मैं सबकी सुनुंगा, मैं पार्टी में वकील की भूमिका नहीं बल्कि जज की भूमिका में रहूंगा। vice president rahul gandhi calls change congress party राहुल गांधी राहुल ने कहा कि हमें ऐसे नेता तैयार करने हैं जो देश के लिए काम करते हों, अगर कोई आकर पूछे कि कांग्रेस क्या करती है तो हम कह सके कि कांग्रेस देश के लिए नेता तैयार करती है जो कि देश के लोगों के दर्द और समस्याओं को महसूस करता है। वो आम आदमी की पार्टी है ना किसी जाति की और ना किसी धर्म की। राहुल गांधी के इस भावुक भाषण पर तालियां तो खूब बजीं देखते हैं कि यह तालियां केवल कांग्रेसियों तक ही सीमित रहती हैं या फिर वाकई में जनता भी राहुल की बातों पर भरोसा करती है।