देहरादूनः अब मोबाइल फोनों की तरह बिजली भी रिचार्ज कूपन के माध्यम से मिलने लगेगी। इसके लिए उत्तराखंड पावर कॉपरपोरेशन ने प्रीपेड मीटर लगाने जा रहा है। विभाग एक जुलाई से इस योजना को लागू करने की तैयारी में है। फिलहाल इस योजना का लाभ 30 किलोवाट भार के उपभोक्ता को ही मिल सकेगा।
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन ने 30 किलोवाट भार तक के नए अस्थाई उपभोक्ताओं को एक जुलाई 2013 से प्रीपेड मीटर द्वारा विद्युत आपूर्ति की तैयारी की है। लागू टैरिफ आर्डर के प्रावधानों के अनुसार प्रीपेड मीटर से विद्युत आपूर्ति की दशा में घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को इनर्जी चार्ज पर चार प्रतिशत व अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीन प्रतिशत छूट अनुमन्य होगा। आरटीएस-10 ए से अवतरित अस्थायी श्रेणी के उपभोक्ताओं को कोई छूट अनुमन्य नहीं होगा। ऐसे उपभोक्ताओं से कोई जमानत राशि नहीं ली जाएगी। वर्तमान उपभोक्ताओं द्वारा प्रीपेड मीटर का चुनाव करने पर उनकी जमा जमानत राशि प्रीपेड संयोजन प्रदान करते समय रिचार्ज वाउचर में समायोजन (वापस) कर दी जाएगी। ऊर्जा निगम के अनुसार प्रीपेड मीटर का रिचार्ज कूपन न्यूनतम 100 रुपए का है। अधिकतम सिंगल फेज संयोजनों के लिए पांच हजार रुपये व थ्री फेज के लिए पंद्रह हजार रुपये होगी। प्रीपेड मीटर में कम बैलेंस पर अलार्म बजने लगेगा। खासियत यह है कि प्रीपेड मीटरिंग स्कीम में शून्य बैलेंस पर भी 48 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होगी। इस अंतराल में कूपन रिचार्ज कराना अनिवार्य है। इस अवधि में की गई खपत रिचार्ज के नए कूपन से स्वत: कट जाएगी। ऊर्जा निगम की यह स्कीम कितने कारगर होती है यह देखना बाकी होगा। फिलहाल ऊर्जा निगम नए उपभोक्ताओं को इस नई स्कीम से जोड़कर अपना व उपभोक्ता का हित देख रही है।