जयपुर - भारत और इजरायल सरकार के बीच नई तकनीकों पर हुए सहभागिता समझौते शीघ्र ही राजस्थान की मरूभूमि पर साकार होंगे। इसके तहत देशवासियों को बस्सी में अनार और सब्जियां, कोटा में मौसमी फल और जैसलमेर में खजूर का विशेष स्वाद चखने को मिलेगा। इन स्थानों पर दोनों देशों के आपसी समझौते के तहत सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनाए जा रहे है।
इजरायल सरकार के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के समक्ष पानी की कमी के संकट को दूर करने के लिए प्रस्तुतिकरण दिया, जिसे सरकार ने सहमति दे दी है और पानी की कमी को दूर करने के लिए दोनों देशों के विशेषज्ञों के एक दल ने कार्ययोजना पर काम शुरू किया है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही इसके नतीजे सामने आएंगे और राजस्थान की मरूभूमि पर फसलें लहलहाएंगी। हर तीन महीने में कलेक्ट करेंगे डाटा इजरायल की वॉटर क्वालिटी डिवीजन की निदेशक सारा एल्हानानी ने बताया कि इजरायल में 85 फीसदी पानी रिसाईकिल किया जाता है, लेकिन राजस्थान में 85 प्रतिशत साफ पानी फसलों में सिंचाई के काम आता है। ऐसे में विशेष कार्य योजना के तहत दोनों देशों के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम बनाई गई है।