नई दिल्ली - दिल्ली व बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद भाजपा की नई संगठन टीम में सरकार से कुछ अनुभवी चेहरों को लाया जा सकता है। जिन लोगों को सरकार से संगठन में लाए जाने की चर्चा है उनमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, मनोज सिन्हा प्रमुख हैं। संगठन में युवा व अनुभव के मिश्रण के साथ महिलाओं को इस बार ज्यादा जगह दी जाएगी।
कुछ नेताओं की जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकता है, जबकि कुछ की प्रोन्नति हो सकती है। संगठन के कामकाज में रामलाल के साथ वी सतीश की जिम्मेदारियां बढ़ाई जा सकती है। भाजपा के अधिकांश प्रमुख नेताओं के सरकार में चले जाने के बाद संगठन में युवा नेतृत्व को मौका तो मिला है, लेकिन बीते एक साल के चुनावी प्रदर्शन व विपक्ष के तीखे हमलों को देखते हुए सरकार से कुछ नेताओं को संगठन में लाने पर विचार किया जा रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सरकार में मंत्री बनने व महासचिव न रहने के बाद भी संसदीय बोर्ड के सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे है। सूत्रों के अनुसार, संगठन की जरूरत को देखते हुए उनको लाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। मंत्री बनने के बाद भी कोषाध्यक्ष पद पर काम कर रहे पियूष गोयल की जगह पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लाए जाने की चर्चा भी है।