नई दिल्ली - पठानकोट हमला मामले में पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सलविंदर सिंह से सोमवार को एनआईए ने पूछताछ की। पहले की पूछताछ के दौरान उनके बयानों में कई विरोधाभास आने के बाद उन पर संदेह हुआ था। एनआईए की विशेष टीम ने हमले के वक्त गुरदासपुर के एसपी रहे सलविंदर सिंह से एनआईए मुख्यालय में गहन पूछताछ की। पूछताछ पूरे दिन चली। उनसे पूछताछ मंगलवार को भी जारी रहेगी। एनआईए ने सलविंदर सिंह को तलब किया, क्योंकि आतंकवादियों ने वायुसेना ठिकाने में घुसने से पहले उन्हें नववर्ष की रात अगवा कर लिया था। उन्हें गुरदासपुर के एसपी पद से हटाकर पंजाब सशस्त्र पुलिस की 75 वीं बटालियन में सहायक कमांडेंट बनाया गया है।
बयानों का होगा मिलान सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में एनआईए टीम को सलविंदर के पास घटना के वक्त चार फोन होने सहित कुछ अन्य मामलों पर अहम जानकारी मिली है। सलविंदर से घटना से जुड़े हर पहलू पर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी पुलिस अधिकारी के ड्रग नेटवर्क में शामिल होने के संदेह पर भी पूछताछ कर रही है। एनआईए ने उस गुरुद्वारे के संरक्षक का बयान भी दर्ज किया है, जिसके बारे में सलविंदर सिंह ने कहा था कि वह गोपाल और राजेश वर्मा के साथ वहां गए थे। रसोईये को भी दिल्ली लाया जाएगा सलविंदर के बयानों का उनके साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे उनके दोस्त ज्वैलर राजेश वर्मा और रसोइये मदन गोपाल के बयानों से मिलान कराया जाएगा। एनआईए ने कहा कि गोपाल को दिल्ली लाया जाएगा। उससे भी एनआईए मुख्यालय में पूछताछ की जाएगी। सलविंदर सिंह के साथ गोपाल का भी लाई डिटेक्टर टेस्ट किया जा सकता है। दोनों को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जा सकती है।