नई दिल्ली - थलसेना (बीएसएफ) और आर्मी (सेना) के बाद अब (वायुसेना) एयरफोर्स में भी आईएसआई के जासूस को भांडाफोड़ हुआ है। जिसकी सेंधमारी का खुलासा मंगलवार को पंजाब से हुआ है। आईएसआई के जासूसी साइबर हनी ट्रैप के जरिये उसके लिए काम कर रहा था। दिल्ली पुलिस ने आईएसआई की जासूसी के आरोप में (वायुसेना) एयरफोर्स के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। इसके बाद अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में दे दिया।
रंजीत की पांच दिन की हिरासत मांगते हुए पुलिस ने कहा कि उसे जैसलमेर और ग्वालियर ले जाना है। हालांकि अदालत ने कहा कि इस पूछताछ के लिए चार दिन पर्याप्त हैं। एयरफोर्स में बतौर लीडिंग एयरक्राफ्ट मैन के पद पर कार्यरत के.के. रंजीत को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पंजाब के बठिंडा से गिरफ्तार किया है। मूलरूप से केरल के रहने वाले रंजीत पर आरोप है कि वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक के.के. रंजीत हनी ट्रैप के जरिये आईएसआई के जाल में फंसा। उस पर 4 महीने से नजर रखी जा रही थी। क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट कमिश्नर रविंद्र यादव के मुताबिक रंजीत (वायुसेना) एयरफोर्स की तैनाती, एयरक्राफ्ट के परिचालन के अलावा कई और खुफिया जानकारियां आईएसआई तक भेज रहा था और इसके जरिये उसके बैंक अकाउंट में पैसे भी भेजे जा रहे थे।