नई दिल्ली - केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के फेज-1 ए को मंजूरी दे दी, जिसकी कुल लंबाई 22.878 किलोमीटर व 22 स्टेशन हैं। एक आधिकारिक बयान से यह जानकारी मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया। परियोजना की लागत 6,928 करोड़ रुपये होगी, जिसमें केंद्र सरकार 1,300 करोड़ रुपये शेयर व ऋण के रूप में प्रदान करेगा।
चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डा से मुंशी पुलिया तक फैले इस परियोजना का क्रियान्वयन लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) द्वारा किया जाएगा, जिसमें केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी होगी। मेट्रो रेल की कुल लंबाई में 19.438 किलोमीटर रेलमार्ग एलिवेटेड (जमीन के ऊपर) होगा, जबकि 3.440 किलोमीटर मार्ग अंडरग्राउंड (जमीन के अंदर) होगा। इसमें जमीन पर 19 स्टेशन, जबकि 3 अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। परियोजना का क्रियान्वयन मेट्रो रेलवे (निर्माण एवं कार्य) अधिनियम, 1978 व मेट्रो रेलवे (संचालन एवं मरम्मत) अधिनियम, 2002 तथा रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत होगा, जिसमें समय-समय पर संशोधित होता रहा है।