नई दिल्ली - दिल्ली से रांची जा रहा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक चार्टर्ड विमान आज सुबह आपात स्थिति में उतरते वक्त दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के द्वारका इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट, सह पायलट और तीन अधिकारियों समेत सभी 10 यात्रियों की मौत हो गई। मारे गए लोग बीएसएफ की इंजीनियरिंग टीम के सदस्य थे।
बीएसएफ के महानिदेशक डी.के. पाठक ने बताया कि बीएसएफ की यह टीम एक खराब हेलीकाप्टर की मरम्मत के लिए रांची जा रही थी। हादसे में मारे गए लोगों की पहचान विमान के मुख्य पायलट भगवती प्रसाद भट्ट, सह पायलट राजेश शिवरेन और डिप्टी कमांडेंट डी कुमार, इंजीनियरिंग टीम के सदस्य श्री एस.एन. शर्मा, छोटेलाल, रवींद्र कुमार, सुंदर सिंह, डीपी चौहान और के. रावत के रुप में की गई है। बीएसएफ का यह विमान सुपरकिंग बी 200 वीटी बीएसए के तहत पंजीकृत था। हादसा इतना भीषण था कि इसमें विमान के परखच्चे उड गए।
शुरुआती खबरों में इसमें दो लोगों के मारे जाने की खबर आई थी, लेकिन बाद में सभी दस यात्रियों के मारे जाने की पुष्टि की गई। इस विमान का इस्तेमाल कई बार अति विशिष्ट लोगों को लाने ले जाने के लिए भी किया जाता रहा है। बीएसएफ के प्रवक्ता कमांडेंट पराशर ने बताया कि यह हादसा द्वारका के पास शाहाबाद-मोहम्मदपुर रेल स्टेशन से कोई 500 मीटर की दूरी पर सुबह करीब दस बजे हुआ। विमान ने सुबह नौ बजकर 35 मिनट पर दिल्ली के हवाई अड्डे की रन वे संख्या 28 से रांची के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के पांच मिनट बाद ही विमान का संपर्क नियंत्रण कक्ष से टूट गया। विमान आपात स्थिति में वापस हवाई अड्डे पर उतरने की कोशिश कर रहा था कि उसी समय वह एक पेड और फिर हवाई अड्डे की एक दीवार से टकराकर एक सीवेज ट्रीटमेंट संयंत्र की टंकी में जा गिरा और उसमें आग लग गई।
घटना की सूचना मिलते ही एबुंलेंस और 20 दमकल गाडियां तथा आपदा प्रबंधन टीम राहत और बचाव के लिए मौके पर पहुंच गई। दमकल विभाग के मुख्य अधिकारी संतोष सिंह ने बताया कि सात शव टंकी के अदंर से निकाले गए, जबकि तीन बाहर पडे मिले। दुर्घटना की सूचना मिलते ही बीएसएफ के महानिदेशक के अलावा गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उपराज्यपाल नजीब जंग, और दिल्ली पुलिस आयुक्त भी घटनास्थल पहुंचे। घटना स्थल पर भारी भीड जमा हो जाने के कारण पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पडी। राहत कार्य चलाने के लिए पूरे इलाके को घेर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और गृहमंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। बीएसएफ के महानिदेशक ने बताया कि प्रत्येक मृतक के परिजन को बीएसएफ की ओर से 20 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। यह राशि सरकार की ओर से मिलने वाली राशि के अतिरिक्त होगी। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
नागर विमानन राज्यमंत्री महेश शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह दुर्घटना कम दृश्यता की वजह से हुई या फिर तकनीकी खराबी के कारण। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार विमान का ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद ही दुर्घटना की असली वजह का पता चल सकेगा। बीएसएफ के पास तीन सुपरकिंग विमान है। आज जो विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ उसे बीएसएफ के बेड़े में 1995 में शामिल किया गया था।