नई दिल्ली - भारतीय संविधान निर्माण समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर की 60वीं पुण्यतिथि पर रविवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की । प्रधानमंत्री ने उन्हें संसद भवन के बगीचे में स्थित प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की ।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी पुण्यतिथि पर 10 रुपए और 25 रुपए के दो स्मारक सिक्के भी जारी किए । इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें स्मरण करता हूं । ऐसे कुछ ही व्यक्ति होते हैं जो अपनी मृत्यु के 60 वर्ष के बाद भी लोगों की चेतना में जीवित रहते हैं । उन्होंने कहा कि भारत के समक्ष वर्तमान मुद्दों के संदर्भ में हम डॉ. अंबेडकर के विचारों का अधिक स्मरण करते हैं और उनकी परिकल्पना तथा समग्रता की सोच का सम्मान करते हैं ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय के प्रति उनके योगदान को माना गया है, लेकिन उनके आर्थिक विचारों और दृष्टिकोण को अभी पूरी तरह से समझा नहीं गया है, जिसे सराहा जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि इस देश में डॉ. अंबेडकर और भारत के संविधान की हमेशा चर्चा होनी चाहिए और 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाना इस दिशा में एक कदम है । प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, भारत के संघीय ढांचे, वित्त और शिक्षा जैसे विषयों पर भी डॉ. अंबेडकर के दृष्टिकोण की सराहना की ।
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने भी विधानसभा परिसर में स्थित भीमराव अंबेड़कर की प्रतिमा पर फूलमाला चढ़ाकर उन्हें श्रृद्धांजलि अर्पित की। अंबेडकर की याद में देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं । भारतीय संविधान के प्रमुख रचनाकार बाबा साहेब अंबेडकर ने छह दिसंबर 1956 को अंतिम सांस ली थी । श्रृद्धांजलि देने वालों में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी थे ।