नयी दिल्ली - भारतीय रेल ने यात्री किरायों एवं विभिन्न प्रकार के शुल्कों में वृद्धि के क्रम को जारी रखते हुए इस बार बच्चों को भी नहीं बख्शा है और उनके लिये अलग बर्थ या सीट आरक्षित कराने पर आधे की बजाये पूरा किराया वसूला जाएगा। भारतीय रेलवे बोर्ड के एक ताजा परिपत्र के अनुसार पांच से 12 साल आयुवर्ग के बच्चों के लिये यदि अलग सीट या बर्थ आरक्षित करायी जाती है तो उनसे आधे की बजाय पूरा किराया देना होगा।
यह निर्णय 10 अप्रैल 2016 से लागू होगा। नये नियम के अनुसार आरक्षण कराते वक्त यात्री से पूछा जाएगा कि क्या वह बच्चे के लिये अलग से बर्थ चाहता है और अगर वह अलग बर्थ या सीट का विकल्प चुनता है तो फिर उससे पूरा किराया वसूला जाएगा।
अलग बर्थ या सीट का विकल्प नहीं चुनने पर आधा किराया ही लगेगा। अनारक्षित टिकट के किरायों के मामले में नियम पूर्ववत ही रहेंगे। वर्तमान में पांच से 12 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों का किराया आधा लगता है। अलग बर्थ लेने की दशा में आधा किराया एवं आरक्षण शुल्क अतिरिक्त लिया जाता है।