नई दिल्ली - आम अदमी पार्टी की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने विधायक, मंत्री, विस अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और चीफ व्हीप के वेतन भत्ते बढ़ाने वाले पांच संशोधन विधेयकों पर उपराज्यपाल नजीब जंग की सलाह को दरकिनार करके न सिर्फ विधेयक पेश किया बल्कि पास भी कर दिया है। हालांकि विपक्ष के दोनों विधायकों ने पार्षदों को भी वेतन दिए जाने की मांग करते हुए वॉकआउट किया।
उपराज्यपाल ने विधेयक पेश किए जाने से पहले केन्द्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजे जाने की सलाह दी थी। दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधानसभा के सदस्य (वेतन, भत्ते, पेंशन इत्यादि) (संशोधन) विधेयक, 2015 समेत पास किए गए पांच संशोधन विधेयक में विधायक का वेतन 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये, मंत्री, अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, चीफ व्हीप का वेतन 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 80 हजार रुपये किए जाने का प्रावधान है।
जहां तक कुल वेतन भत्ते की बात है तो विधायकों का वेतन भत्ता 84 हजार रुपये मासिक से बढ़ाकर 2.10 लाख रुपये व मंत्री का वेतन भत्ता 2.40 लाख रुपये होगा। जब एक कार्यकाल खत्म हो जाएगा तो हर एक साल में विधायक का 5 हजार रुपये व मंत्री का 8 हजार रुपये की वृद्धि होगी। विधायकों को वर्तमान में एक बैठक में शामिल होने के लिए एक हजार रुपये मिलते थे जिसे बढ़ाकर 2 हजार किया गया है। अधिकतम 40 बैठक के लिए भत्ता मिल सकता था, नए संशोधन में अधिकतम सीमा हटा दी है। वहीं पहले दो डाटा एंट्री ऑपरेटर केलिए 30 हजार रुपये दिए जाते थे, अब एक डाटा एंट्री ऑपरेटर व कार्यालय सहायक के लिए 30 हजार, एक रिसर्चर केलिए 30 हजार रुपये व एक अटेंडेंट के लिए दस हजार रुपये दिए जाएंगे।