नई दिल्ली - सोमवार को लोकसभा में असहिष्णुता पर बहस के दौरान सीपीएम सांसद मोहम्मद सलीम ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह पर एक विवादित बयान देने का आरोप लगाया है। मोहम्मद सलीम ने एक पत्रिका का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद गृहमंत्री ने कहा था कि देश को 800 साल बाद एक हिंदू शासक मिला है।
जब सलीम ने कहा कि ये कैसा देश है कि जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो राजनाथ सिंह ने 800 साल बाद हिन्दू शासक की बात कही तो गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर कडी आपत्ति जताई। खुद राजनाथ सिंह ने कहा कि यह बात कहां कही, सबूत दें, अन्यथा सदन से माफी मांगें। राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने ऎसा कोई बयान नहीं दिया। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह मोहम्मद सलीम के बयान से काफी आहत हैं। उन्होंने कहा कि अगर देश का गृह मंत्री ऎसा बयान देता है तो उसे पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है।
मेरे पूरे राजनीतिक जीवन के दौरान लगा यह सबसे बडा आरोप है। देश का हर वर्ग जानता है मैं ऎसा बयान नहीं दे सकता हूं। इस बयान को लेकर लोकसभा में जबर्दस्त हंगामा हो गया। मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि जब तक इस बयान की सच्चाई की पुष्टि नहीं होती मोहम्मद सलीम अपना बयान वापस लें। यह बेहद आपत्तिजनक बयान है, जिससे देश का माहौल खराब हो सकता है। बवाल मचने के बाद सलीम ने कहा कि मेरी मंशा किसी को आहत करने की नहीं थी। मैंने एक मैगजीन के संदर्भ से यह बात कही थी।
सरकार मैगजीन में छपे बयान की जांच करवाए। हंगामे के बीच सुमित्रा महाजन ने सलीम से कहा कि वह राजनाथ सिंह पर ऎसे इल्जाम न लगाएं और जो बात वह कहें उसे पहले जांचे फिर कहें। सलीम ने कहा कि सरकार के बीच बात दोनों तरफ से होनी चाहिए, इनकमिंग के साथ आउटगोइंग भी होनी चाहिए। लोकसभा स्पीकर ने मोहम्मद सलीम के गृह मंत्री राजनाथ सिंह पर दिए बयान को रेकॉर्ड में रखे जाने से इनकार किया है।