नई दिल्ली - प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि केन्द्र सरकार के पास पेंशनरों के लिए लागू डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह बात राज्य मंत्री ने पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के तत्वाधान में लागू होने वाले वेब आधारित पेंशन स्वीकृति और भुगतान ट्रैकिंग सिस्टम "भविष्य" विषय पर आयोजित एक जागरुकता कार्यशाला के दौरान कहा।
केन्द्रीय राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने एक समाचार पत्र में आई रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा है कि पेंशन की निरंतरता के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र को जारी रखने के लिए केन्द्र सरकार हमेशा से ही प्रयासरत है। सरकार के पास इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है कि पेशनरों के लिए डिजिटल प्रमाण पत्र को बंद कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि नवंबर 2014 को शुरु हुई जीवन प्रमाण पत्र पेंशनभोगियों के लिए एक बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल सेवा है, जिसका उद्देश्य जीवन प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर इसे आसान बनाना है। इस योजना के लागू होने के बाद से अबतक करीब 9,62,910 पेंशनरों को जीवन प्रमाण पत्र जारी किया जा सका है।