नई दिल्ली - कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने दावा किया है कि गुजरात के द्वारका मंदिर के पुजारी ने उनकी जाति पूछी थी। सैलजा के मुताबिक वह केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान दर्शन के लिए द्वारका गई थीं, तभी उनसे जाति के बारे में सवाल किया गया। उन्होंने अपने साथ घटी घटना के आधार पर गुजरात के विकास माडल पर भी सवाल उठाए।
पूर्व मंत्री के इस बयान पर राज्यसभा में तीखी बहस छिड़ गई। संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वह कई बार द्वारका गए हैं लेकिन उनसे कभी जाति नहीं पूछी गई। भाजपा के अन्य सदस्यों ने भी इसकी पुष्टि की। वहीं कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने कहा कि सैलजा जो कह रही हैं, उस पर किसी के अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है। बहस बढ़ती गई और उप सभापति पीजे कुरियन को दोनों पक्षों को शांत रहने के लिए कहना पड़ा लेकिन सैलजा ने कहा कि उनकी सत्यता तथा ईमानदारी पर सवाल उठाए गए हैं।
सदन में उनका अपमान हुआ है। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सत्ता पक्ष से सॉरी बोलने की गुजारिश की लेकिन भाजपा सदस्य इस पर राजी नहीं हुए। उप सभापति ने कहा कि वह रिकार्ड देखकर फैसला करेंगे। यदि किसी सदस्य ने सैलजा की ईमानदारी पर सवाल खड़ा किया होगा तो उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी। वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हस्तक्षेप करते हुए पूर्व मंत्री से पूछा कि क्या उन्होंने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। सैलजा ने इस सवाल का उत्तर देने से इनकार कर दिया।