नई दिल्ली - बहुजन समाजवादी पार्टी की प्रमुख मायावती ने राज्यसभा में अगड़ी जातियों को आरक्षण देने की मांग की। उनकी छवि दलितों के नेता की रही है, ऐसे में उनका अगड़ी जातियों के लिए आरक्षण की मांग करने से सभी हतप्रभ है। संविधान पर चर्चा के दूसरे दिन बसपा नेता राज्यसभा मे बोल रही थी, तभी उन्होने इतना बड़ा बयान दे डाला।
मोदी पर आरक्षण के तीर से निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि अगड़ी जाति के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की घोषणा पीएम मोदी ने क्यों नहीं की। प्रधानमंत्री 27 नवंबर के अपने भाषण में यदि ये घोषणा करते तो ये अंबेडकर के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होती। बिना किसी पार्टी का पक्ष लिए आगे वो बोली कि भाजपा और कांग्रेस उन्हें सीबीआई के बहाने फँसा रही थी।
लेकिन वो बाबा साहेब के मूल्यों के आधार पर सरकार चला रही थी। भगवान बुद्ध की चर्चा करते हुए मायावती ने कहा कि भगवान बुद्ध ने मानवता और शांति संदेश दिया, एक ऐसा संदेश जिसकी हमें आज सबसे ज्यादा जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जब विदेश दौरों पर होते हैं तो बौधित्व की बातें करते हैं लेकिन देश में प्रधानमंत्री के साथियों के काम भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के बिल्कुल विपरीत होते हैं।