नई दिल्ली - वकीलों द्वारा हड़ताल पर चले जाने से न्याय मिलने में देरी पर गंभीर चिन्ता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वकीलों को हड़ताल पर जाने का कोई अधिकार नहीं है। जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने वकीलों के संगठनों और बार काउंसिल ऑफ इंडिया से इस मुद्दे पर मदद करने को कहा है। पीठ ने कहा कि वकील हड़ताल पर रहेंगे तो अदालत द्वारा पारित आदेश कैसे प्रभावकारी हो पाएंगे।
जस्टिस जोसेफ ने कहा कि मेरा मानना है कि वकीलों को हड़ताल पर जाने का अधिकार नहीं है। जस्टिस मिश्रा ने इससे सहमत होते हुए कहा कि वकीलों को हड़ताल को एक हथियार के रूप में नहीं लेना चाहिए। यह तो एक ब्रह्मास्त्र है, जिसका इस्तेमाल केवल रेयरस्ट ऑफ रेयर मामलों में ही करना चाहिए।