नई दिल्ली - आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता और स्वराज अभियान से जुड़े प्रशांत भूषण ने शनिवार को दिल्ली सरकार के जनलोकपाल विधेयक को 'जोकपाल' करार देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा मांगा जबकि आप ने उन पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए काम करने का आरोप लगाया।
भूषण ने कहा कि उन्हें दिल्ली लोकपाल विधेयक को देखकर हैरानी हुई। इसका मसौदा उस जनलोकपाल विधेयक से अलग है जिसका मसौदा अन्ना हजारे के नेतृत्व में भ्रष्टाचार निरोधक आंदोलन के दौरान तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली लोकपाल विधेयक उन सभी सिद्धांतों को ध्वस्त करता है जिसका मसौदा हमने तैयार किया था जैसे नियुक्ति एवं पद से हटाना सरकार के अधीन न हो। केजरीवाल मंत्रिमंडल ने हाल में लोकपाल विधेयक को मंजूरी दी थी और सोमवार को इसे विधानसभा में पेश किए जाने की संभावना है।
वरिष् वकील और लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले भूषण ने कहा कि दिल्ली सरकार के विधेयक में लोकपाल को बनाने और हटाने की सारी शक्ति सरकार के पास है। ऐसे में लोकपाल सिर्फ एक 'जोकपाल' बनकर रह जाएगा। केजरीवाल ने देश के साथ और दिल्ली के लोगों के साथ जितना बड़ा धोखा किया है उतना बड़ा धोखा किसी ने नहीं किया था। उनके पिता और आप के संस्थापक शांति भूषण ने भी कहा कि इस विधेयक का सही नाम होगा अरविंद सरकार के मंत्रियों के भ्रष्टाचार को छिपाने वाला बिल।