नई दिल्ली - पंजाब में शुरू हो रही चुनावी सुगबुगाहट दिल्ली तक अपना असर दिखाने लगी है। पंजाब में भले ही 2017 में चुनाव होने वाले हैं लेकिन सभी दलों की रणनीति साफ तौर पर दिखाई देने लगी है। आम आदमी पार्टी की पंजाब में बढ़ती सक्रियता को देखते हुए अकाली दल दिल्ली में उन्हें घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।
इसका नजारा दिखा शुक्रवार को दिल्ली में जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास के बाहर अकाली दल ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने गुरु तेग बहादुर की जयंती के मौके पर छुट्टी नहीं देने के लिए केजरीवाल सरकार के खिलाफ मार्च किया। अकाली दल केजरीवाल सरकार पर सिखों की अनदेखी का आरोप लगा रही है।
हाल ही में केजरीवाल ने पंजाब के फरीदकोट का दौरा किया था और गुरु ग्रंथ साहिब के अनादर के बाद उपजे असंतोष में हुए प्रदर्शनों पर पुलिस फायरिंग का विरोध किया था। केजरीवाल ने पंजाब दौरे में वहां की राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में विफल करा दिया था। अकाली कार्यकर्ता इसपर भी विरोध जता रहे थे।