भोपाल - सोयाबीन की फसल ने भले ही किसानों की कमर तोड़ दी है, लेकिन उनके लिए यह समाचार सुखद हो सकता है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि अब मध्यप्रदेश के शरबती गेहूं को देशभर में भेजा जाएगा। इतना ही नहीं कोशिश होगी कि यह विदेशों में भी पहुंचे। इसके लिए इसकी पैदावार बढ़ाने के साथ ही इसके बाजार पर भी फोकस होगा। यूं तो मध्यप्रदेश का शरबती गेहूं देशभर के अलावा विदेशों में पहचाना जाता है, लेकिन इसकी उपलब्धता अभी सभी जगह नहीं हो पाती। इसका कारण है कम पैदावार।
अब प्रदेश के इस गेहूं को सभी लोग खाएं इसके लिए इसकी पैदावार बढ़ाने की तैयारी है। इस दिशा में मार्केटिंग फेडरेशन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल प्रदेश में कुल उत्पादन का करीब 10 प्रतिशत गेहूं ही शरबती होता है। बाकी अन्य वैरायटी रहती है, लेकिन इस बार 20 से 25 प्रतिशत गेहूं शरबती पैदा किया जाएगा। शरबती गेहूं की पैदावार वर्तमान में विदिशा, सागर, सीहोर, अशोकनगर, रायसेन और गुना के आसपास ही उपलब्ध है।
खासकर भोपाल से देवास के बीच में इस गेहूं की सबसे ज्यादा पैदावार की जाती है। अब शरबती गेहूं का रकबा बढ़ाने के लिए किसानों को जागरुक किया जाएगा। कोशिश होगी कि प्रदेशभर के किसान इस उपज को आजमाए और बेहतर लाभ भी लें। अन्य गेहूं की तुलना में शरबती गेहूं को कम पानी की जरूरत होती है। प्रदेश में इस वक्त कई जिलों को सूखाग्रस्त भी घोषित किया गया है, इसके लिए उन जिलों के किसानों के लिए शरबती गेहूं फायदे का सौदा होगा। इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों ने भी शरबती की खास किस्म को तैयार किया है।