दुबई - वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि वस्तु एवं सेवाकर जीएसटी को अमल में लाने के लिये सरकार संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिये विपक्ष को राजी करने के लिये हर संभव प्रयास करेगी। जेटली ने यहां यूएई- भारत आर्थिक मंच 2015 की बैठक को संबोधित करते हुये कहा, ''आर्थिक सुधार प्रक्रिया लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। पिछले समय में संसद में कोई भी आर्थिक सुधार विधेयक नहीं है बेशक इसमें देरी हुई हो।
आगामी संसद सत्र में उच्च सदन में जीएसटी पारित कराने को विपक्ष को राजी करने के लिये प्रयास किये जायेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी में एक दर्जन से ज्यादा राज्य शुल्कों को समाहित कर लिया जायेगा। इसे एक अप्रैल 2016 से लागू किया जाना है लेकिन यदि आगामी शीतकालीन सत्र में उच्च सदन में यह पारित नहीं हुआ तो तय समयसीमा के भीतर इसे लागू करना मुश्किल होगा। संसद का शीतकालीन सत्र 26 नवंबर से शुरु हो रहा है।