नई दिल्ली - सरकार द्वारा अधिसूचित एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के विरोध में पूर्व सैनिकों का अपने पदक लौटाने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहने के बीच रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने इसे राष्ट्र का अपमान करार दिया है। पूर्व सैनिक पिछले तीन दिन से देश भर में अलग अलग जगहों पर पदक लौटा रहे हैं और गुरुवार को उन्होंने इंडिया गेट पर जाकर अपने पदक लौटाए थे। कुछ जगहों पर पूर्व सैनिकों ने अपने पदक जलाने का प्रयास भी किया है।
इस बीच, पर्रिकर ने चेन्नई में नौसेना के एक कार्यक्रम में कहा कि लोकतंत्र में सभी को विरोध का अधिकार है, लेकिन पदकों को लौटाना तथा उन्हें जलाना राष्ट्र का अपमान है। ये पदक उन्हें राष्ट्र के प्रति बलिदान के लिए दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ओआरओपी का वादा सरकार ने नहीं किया था। यह चुनावी वादा था, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने किया था और इसे पूरा किया गया है।