नई दिल्ली - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपनी शाखाओं में परंपरागत रूप से पहने जाने वाली ड्रेस (खाकी निकर) में बदलाव कर सकता है। युवाओं को और ज्यादा अपनी ओर आकर्षित करने के लिए ड्रेस कोड में जल्द बदलाव करने की तैयारी की जा रही है। रांची में बीते दिनों हुई संघ की बैठक में ड्रेस कोड पर मंथन किया गया। संघ के प्रचारकों का मत था कि शाखाओं में पहने जाने वाली खाकी हाफ पैंट के स्थान पर ट्राउजर रखा जाए। रांची में संघ के पदाधिकारियों के सामने कुछ स्वयंसेवकों ने ट्राउजर पहनकर इसे प्रदर्शित भी किया है।
सूत्रों के अनुसार ड्रेस को बदलने का मुद्दा अगले साल मार्च में नागपुर में होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में भी उठाया जाएगा। यह सभा सर्वोच्च निर्णायक संस्था है। बैठक में इस बात पर विचार किया जाएगा कि नए ड्रेस कोड को कैसे लागू किया जाए। वहीं आरएसएस ने कहा है कि वो अपनी ड्रेस में फिलहाल कोई बदलाव नहीं करेगा। 2010 में किया था आंशिक परिवर्तन आरएसएस की यूनीफॉर्म में आखिरी बार वर्ष 2010 में परिवर्तन किया गया था, तब चमड़े की बेल्ट के स्थान पर कैनवास की बेल्ट लागू की गई थी।