नई दिल्ली - दिल्ली हाइकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को बड़ा झटका देते हुए बिजली कंपनियों के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ऑडिट नहीं किए जाने का फैसला सुनाया। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने जनवरी 2014 में दिल्ली की तीनों बिजली कंपनियों बीएसईएस राजधानी, बीएसईएस यमुना और टाटा पावर के कैग ऑडिट के आदेश दिए थे।
सरकार के इस आदेश के खिलाफ इन बिजली वितरण कंपनियों ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि दिल्ली सरकार इन कंपनियों का ऑडिट नहीं करवा सकती। इधर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने कोर्ट के इस फैसले पर विरोध जताते हुए कहा कि दिल्ली वालों को सस्ती बिजली मिले उसको झटका जरूर है।
उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियां क्यों कैग से ऑडिट नहीं करवाना चाहती हैं, कानूनी दाव पेंच में उलझकर कंपनियां लोगों को सस्ती बिजली से दूर रखना चाहती हैं। आर्डर पढ़ने के बाद हम देखेंगे आगे क्या करना है। उन्होंने कहा कि हमारे पास सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे भी खुले हैं।