भोपाल - बैरसिया रोड स्थित केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान नवीबाग में गुरुवार रात एक बाघ बालमपुर जंगल से भटककर अचानक आ धमका। सुबह करीब 5.30 बजे संस्थान के चौकीदार और तफरीह करने निकले लोगों ने बाघ को देखा और वन विभाग के अफसरों को सुबह 6 बजे के करीब इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के करीब 5 घंटे बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने शुरू किया आपरेशन टाइगर। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर 2.32 बजे बाघ को पिंजरे में कैद किया गया।
तब कहीं जाकर इलाके के स्थानीय रहवासियों ने राहत की सांस ली। वन विभाग का अमला बाघ को यहां से वन विहार ले गया। फिलहाल वहां इस बाघ का उपचार किया जा रहा है। वश्व के सर्वाधिक बाघ भारत में पाए जाते हैं। भोपाल की खुशनसीबी है कि बाघों का कुनबा इस शहर की आवोहवा को पसंद करते हुए अपने पूर्वजों की जमीन पर फिर से काबिज हो चुका है। वर्तमान में रातापानी अभ्यारण्य में करीब 20 बाघ हैं। बढ़ते हुए कुनबे के सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखाया है, जो रातापानी से केरवा कॉरीडोर की तरफ जाता है।