नई दिल्ली - केंद्र सरकार के ग्रुप ‘डी’, ग्रुप ‘सी’ और ग्रुप ‘बी’ के गैर राजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए पहली जनवरी, 2016 से साक्षात्कार नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आकाशवाणी पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में रविवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने सारी प्रक्रिया पूरी कर ली है। अभी जहां प्रक्रिया चल रही है, उसमें कोई रुकावट नहीं आएगी, लेकिन पहली जनवरी से यह लागू हो जाएगा।
मोदी ने रविवार को 13वीं बार देश की जनता से रेडिया पर मन की बात की। मोदी ने जल्द शुरू होने वाली नई सरकारी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आम लोगों के घरों में पड़े हजारों टन सोने को अर्थव्यवस्था से जोडऩे वाली स्वर्ण मौद्रीकरण योजना और सोवरिन गोल्ड बांड (स्वर्णिम बांड) स्कीम दिवाली से पहले शुरू होगी और धनतेरस के मौके पर देशवासी अशोक चक्र वाला स्वर्ण सिक्का खरीद सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोने का डेड मनी के रूप में पड़े रहना आज के युग में शोभा नहीं देता है।
सोना आर्थिक शक्ति बन सकता है और देश की आर्थिक संपत्ति बन सकता है। हर भारतवासी को इसमें योगदान देना चाहिए। मुझे खुशी है कि बजट में हमने गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम शुरू करने का वादा किया था और इसे दिवाली से पहले पूरा कर रहे हैं। लोग खासतौर से धनतेरस के दिन सोना खरीदते हैं। श्री मोदी ने कहा कि इस योजना के तहत लोग अपना सोना बैंक में जमा कर सकते हैं और बैंक उस पर ब्याज देगा। ठीक वैसे जैसे कि पैसों पर ब्याज मिलता है। उन्होंने कहा कि पहले सोना लॉकर में रखते थे और लॉकर का किराया देना पड़ता था। अब सोना बैंक में रखेंगे और बैंक आपको ब्याज देगा। इस तरह सोना डेड मनी से एक जीवंत ताकत के रूप में परिवर्तित हो सकता है।
अंग दान को एक उत्सव का दर्जा देने का देशवासियों से आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस समय जितने प्रत्यारोपण की जरूरत है, उसके मुकाबले अंग दान बहुत कम हो रहा है। यह विषय काफी महत्त्वपूर्ण है। देश में प्रति वर्ष अढ़ाई लाख से भी अधिक किडनी, हार्ट और लीवर प्रत्यारोपण की जरूरत है, लेकिन सवा सौ करोड़ के देश में हम सिर्फ पांच हजार प्रत्यारोपण को ही सफल कर पाते हैं। उन्होंने कहा, हर साल एक लाख आंखों को रोशनी की जरूरत होती है और हम सिर्फ पच्चीस हजार तक पहुंच पाते हैं।
मोदी ने कहा कि अंगदान एक वृत्ति और प्रवृत्ति बने। अंगदान को एक उत्सव बनाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंग दान को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय अंग एवं उत्तक प्रतिरोपण संस्थान (नोटो) की स्थापना की गई है। एक 24 घंटे का हेल्पलाइन नंबर 1800114770 भी उपलब्ध है। अंगदान को महादान बताते हुए उन्होंने कहा कि और हमारे यहां यह कहा गया है कि तेन त्यक्तेन भुंजीथा त्याग। अंग दान करने का जो आनंद होता है, उसका बहुत उत्तम वर्णन इस मंत्र में है।