मुबंई - शर्मिला टैगोर शर्मिला टैगोर ने देश में बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ साहित्य अकादमी लौटाने वाले लेखकों का खुलकर समर्थन किया। लेखकों के इस कदम को शर्मिला ने सहज और साहसिक बताया है। नेशनल अवार्ड जीतने वाली 68 साल की इस अभिनेत्री ने सीआईआई बिग पिक्चर सम्मिट 2015 में कहा कि यह भारत के लिए चुनौतीपूर्ण समय है।
उन्होंने कहा कि प्रतिगामी शक्तियां आधुनिकता को मात देने के लिए सिर उठा रही हैं। शर्मिला ने कहा कि इसे हम बैन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले के रूप में देख रहे हैं। शर्मिला ने अकादमी अवार्ड लौटाने के कदम को साहसिक बताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस देश में असहमति हिसंक हो जा रही है। अब असहमति का मामला केवल बोलने के स्तर तक नहीं है।