मुंबई - केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की एक दिन पहले दी गई अप्रत्यक्ष नसीहत का शिवसेना पर कोई असर नहीं हुआ है। शिवसेना ने पीएम मोदी के साथ-साथ भाजपा पर भी बड़ा हमला किया है। मुंबई में शिवसेना कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाकर पीएम मोदी को ढोंगी कहा गया। हालांकि बिना अनुमति के पोस्टर लगाने पर कुछ देर बाद ही बीएमसी ने पोस्टर हटवा दिए।
इस मामले पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अगर शिवसेना यह सोचती है कि जिस तरह का सम्मान हम बाला साहेब को देते थे, वैसा ही सम्मान हम उद्धव और आदित्य का करेंगे तो यह उनकी भूल है। इसके साथ ही भाजपा नेता गिरीश व्यास ने कहा कि उन्हें आशा है कि पोस्टर में जिस तरह लोग बाला साहेब के सम्मान में झुके हैं, वैसे ही भविष्य में आदित्य पीएम मोदी के सम्मान में ऐसे ही झुकेंगे।
वहीं, शिवसेना नेता राजेंद्र राउत ने सफाई देते हुए कहा कि यह पोस्टर शिवसेना ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए लगाया है। इसमें किसी भी नेता की तौहीन का तो सवाल ही नहीं है। शिवसेना नेता ने कहा कि पोस्टर में सच दिखाया गया है। जो नेता पहले जैसे थे, अब उनमें से कुछ बदल गए हैं। पोस्टर का जिक्र करें तो इसमें नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शरद पवार, राज ठाकरे आदि नेताओं की तस्वीरें शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के साथ हैं।
इन्हीं तस्वीरों में एक बड़ी तस्वीर भी है, जिसमें मोदी बाल ठाकरे के आगे सिर झुकाए दिख रहे हैं। तस्वीर के साथ ही लिखा गया है कि ढोंग करने वाले लोग भूल गए वे दिन जब उन्हें बाला साहेब के सामने इस तरह झुकना पड़ता था।