श्रीनगर - उधमपुर में पेट्रोल बम हमले में गंभीर रुप से घायल होने के बाद अपनी जान गंवाने वाले खलासी को आज कश्मीर घाटी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया और कई स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुयी। हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों सहित घाटी के तकरीबन सभी अलगाववादी संगठनों और पंडितों के संगठन कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति की ओर से हड़ताल का आह्वान किया गया था। जाहिद अहमद के दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोडऩे के बाद घाटी में प्रदर्शन हुए जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गयी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जाहिद का शव सरकारी विमान से दिल्ली से यहां लाया गया। कश्मीर के अनंतनाग में उसके गांव बातेनगू में काफी लोग उसके जनाजे में शामिल हुए। बाद में गांव के प्राचीन कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान लोगों ने नारेबाजी की। जाहिद के जनाजे के लिए सख्ती में ढील दिए जाने के बाद अनंतनाग और आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प शुरू हो गई। युवकों ने बातेनगू और अनंतनाग के कुछ दूसरे इलाकों में पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
अनंतनाग में झड़पों के कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने रामबन जिले के बानिहाल कस्बे में भी हंगामा किया। लोगों ने टायर जलाए और नारेबाजी करते हुए एक घंटे तक राजमार्ग को बंद रखा। किश्तवाड़ और चिनाब घाटी में प्रदर्शन किए गए। उधर, कैबिनेट बैठक में मारे गए व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा। कैबिनेट ने मृतक युवक के परिवार के लिए 5 लाख की सहायता राशि तथा एक परिजन को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया है। कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी और जेकेडीएफपी के नेता शब्बीर अहमद शाह सहित कई अलगाववादी नेताओं को नजरबंद किया गया है।