नई दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आधार कार्ड के इस्तेमाल का दायरा बढ़ाते हुए केंद्र सरकार को बड़ी राहत दे दी है। शीर्ष अदालत की पांच जजों की पीठ ने कई सरकारी योजनाओं और पेंशन स्कीमों के लिए आधार कार्ड के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी। अदालत के फैसले के बाद अब मनरेगा, जन धन, ईपीएफओ, योजना समेत अन्य पेंशन स्कीमों में आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकेगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि आधार कार्ड का यह इस्तेमाल पूरी तरह से ऐच्छिक होगा, इसे अनिवार्य नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने कहा कि सरकार को इन योजनाओं में आधार कार्ड का इस्तेमाल करने की छूट है, लेकिन ऐसे लोगों को किसी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए, जिनके पास आधार नहीं है। इससे पहले कोर्ट ने सिर्फ एलपीजी गैस सिलेंडर और पीडीएस स्कीमों में ही आधार कार्ड के इस्तेमाल को मंजूरी दी थी। अदालत के इस फैसले के बाद सरकार को अन्य योजनाओं के धारकों की पहचान के लिए आधार के इस्तेमाल की मंजूरी से मदद मिल सकेगी।
कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि आधार नंबर के इस्तेमाल से सुरक्षा और निजता में सेंध की चिंता को खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह सुनिश्चित करे कि कैसे आधार नंबर के इस्तेमाल से नागरिकों की निजता को किसी तरह का खतरा नहीं है। आधार कार्ड के इस्तेमाल की वजह से निजता के खतरे को लेकर सुप्रीम कोर्ट की बृहत्तर बैंच सुनवाई करेगी।