कला धन वापस लाने के लिए किये जा रहे दावों को धराशाही करते हुए एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से 500 करोड़ रुपए की राशि विदेश भेजने का पता लगाया है। एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसएफआईओ (गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय) ने बैंक ऑफ बड़ौदा में 6,100 करोड़ रुपये के मनी लांडरिंग मामले को भी पकड़ा है जिसकी जांच शुरू कर दी गई है। सीबीआई और ईडी के अलावा एसएफआईओ ने भी बॉब मामले की जांच शुरू की है। एसएफआईओ कंपनी मामलों के मंत्रालय के अधीन गंभीर धोखाधड़ी मामलों की जांच करता है।
पिछले सप्ताह सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले की जांच शुरू की। बैंक ऑफ बड़ौदा से कथित रूप से 6,172 करोड़ रपये कालाधन हांगकांग भेजा गया। इसे काजू, दाल और चावल जैसी जिंसों के आयात के एवज में भुगतान के तौर पर भेजा गया, जबकि इन जिंसों का आयात ही नहीं हुआ। कहा जाता है कि बैंक ऑफ बड़ौदा की अशोक विहार शाखा में 59 खाते खोले गए और आयात के लिए अग्रिम के तौर पर राशि जमा की गई और हांगकांग में कुछ चुनिंदा कंपनियों को यह राशि भेजी गई।
इस शाखा में मई, 2014 से जून, 2015 के दौरान 59 खाते खोले गए जिसके जरिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा भेजी गई। बैंक ने स्वीकार किया है कि उसकी अशोक विहार शाखा ने फेमा दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया।