मुबंई - महाराष्ट्र में सुप्रीम कोर्ट ने डांस बार से प्रतिबंध हटा दिया है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को झटका देते हुए गुरुवार को उस फैसले को पलट दिया है, जिसके तहत डांस बार में रोक लगा दी गई थी। महाराष्ट्र विधानसभा ने 2014 में एक कानून बनाकर डांस बार पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने याचिका पर फैसला सुनाते हुए डांस बार पर लगी रोक को हटाया और कहा कि बार में होने वाले डांस में अश्लीलता नहीं परोसी जानी चाहिए।
कोर्ट के इस फैसले से डांस बार के मालिकों के बीच खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। मुंबई में 2005 में पहली बार डांस पर प्रतिबंध लगाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने आजीविका के अधिकार को आधार बनाते हुए इस पाबंदी को हटाया है। इसके बावजूद राज्य सरकार के पास अब भी डांस बार बंद करवाने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। अब देखना है कि राज्य सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है। शीर्ष अदालत ने 2009 में ऐसे ही कानून को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया था, जिसमें बार डांस को प्रतिबंधित किया गया था।
इसके बाद सरकार ने पिछले साल कानून में संशोधन किया था, लेकिन न्यायालय ने पाया कि संशोधित कानून भी कमोबेश पुराने कानून के समान ही हैं। राज्य सरकार ने 2005 में थ्री स्टार और उससे अधिक स्टार वाले होटलों को छोडक़र अन्य स्थानों पर बार डांस पर रोक लगा दी थी, जिसे 2006 में बंबई उच्च न्यायालय ने निरस्त कर दिया था। उच्चतम न्यायालय ने भी इस फैसले को जायज ठहराया था।