कोलकाता - केंद्र सरकार जल्द ही एक राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन अधिनियम बनाएगी, जिसे सभी राज्य सरकारों को लागू करना होगा। न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपए प्रति माह तय किए जाने की उम्मीद है। केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने मंगलवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में यह बात कही। दत्तात्रेय ने कहा कि न्यूनतम वेतन राज्य सरकारों को तय करना होता है, लेकिन हम एक राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन कानून चाहते हैं।
हम ऐसा एक कानून बनाना चाहते हैं, यह सांविधिक होगा और हर राज्य सरकार को इस न्यूनतम वेतन को लागू करना होगा। वेतन के बारे में फार्मूला तैयार है और यह जल्द ही सामने आएगा। उन्होंने कहा कि अभी हम फार्मूला तैयार कर रहे हैं और एक अथवा दो महीने के भीतर हम इसके साथ आगे बढ़ेंगे और राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम वेतन क्या होगा, इसकी घोषणा करेंगे। इसी के अनुरूप फिर सभी राज्य सरकारों को इसे लागू करना होगा। श्रम मंत्री ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकारों और श्रमिक संघों के साथ बातचीत पूरी कर ली गई है।
इस मुद्दे पर राज्यों के साथ-साथ श्रमिक संगठनों से हमने पहले ही बातचीत कर ली है और श्रमिक संगठन 15000 रुपए मासिक न्यूनतम वेतन रखे जाने की मांग कर रहे हैं। दत्तात्रेय ने कहा कि इस वित्त वर्ष के अंत तक केंद्र करीब एक करोड़ लोगों की नियुक्ति करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजना सभी श्रम कानूनों में सुधार लाकर चार प्रमुख संहिता बनाने की है।