नई दिल्ली - आजादी के बाद मातृभूमि की रक्षा में प्राणों का बलिदान देने वाले सैनिकों की याद में इंडिया गेट के निकट राष्ट्रीय युद्ध स्मारक तथा संग्रहालय बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बुधवार को यहां हुई बैठक में इसके लिए 500 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई और इसे पांच वर्ष में बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्रीय सडक़ परिवहन राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बताया कि आजादी के बाद से 22 हजार 500 सैनिक देश की रक्षा में प्राण न्यौच्छावर कर चुके हैं। इन सैनिकों के लिए अभी तक देश में कोई युद्ध स्मारक नहीं था। अब सरकार ने इंडिया गेट के निकट सी हेक्सागन में यह स्मारक बनाने का निर्णय लिया है। इस स्मारक तथा संग्रहालय का कुछ हिस्सा भूमिगत भी होगा।
उन्होंने कहा कि इसका डिजायन अंतरराष्ट्रीय डिजायनर से बनवाया जायेगा जिसका चयन रक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। यह समिति युद्ध स्मारक तथा संग्रहालय के डिजायन तथा अन्य पहलुओं पर नजर रखेगी। स्मारक पर शहीद सैनिकों के नाम लिखे होंगे तथा संग्रहालय में पुराने समय के हथियारों और सैनिकों की वर्दी तथा उस समय की अन्य वस्तुएं रखी जाएंगी ।