नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में अप्रत्यक्ष कर के इतिहास में सबसे बड़े सुधार और करों के जाल को खत्म करने के लिए लाए जा रहे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अगले वर्ष लागू होने की उम्मीद जताई है। नेस्काम द्वारा आयोजित भारत-जर्मन उद्यमियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि सरकार कारोबार और उद्योग के लिए अच्छा माहौल बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है और निवेशकों की लंबित चिंताओं को दूर करने के लिए कदम उठाए गए हैं।
सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह पिछली तारीख से कराधान को लागू नहीं करेगी। संसद में जीएसटी विधेयक को पेश करने का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि लोकसभा में इसे मंजूर किया जा चुका है, किंतु राज्यसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को बहुमत नहीं है, इसलिए वहां लंबित है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद से अगले वर्ष जीएसटी को मंजूरी मिल जाएगी।
संसद से पारित होने के बाद देश के आधी विधानसभाओं से संवैधानिक संशोधन विधेयक की मंजूरी की आवश्यकता होगी और इसके बाद सभी अप्रत्यक्ष करों को जीएसटी के तहत लाया जाएगा। भारत को निवेश के लिए आकर्षक देश बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने निवेशकों की लंबे समय से चली आ रही दिक्कतों को दूर करने की दिशा में तेजी से निर्णायक कदम उठाए हैं और निवेशकों के लिए हमारे द्वार खुले हैं।