वाराणसी - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में गणेश प्रतिमा विसर्जन का मुद्दा सोमवार को एक बार फिर से हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाडिय़ों पर पथराव किया। प्रदर्शनकारियों ने गुस्से में कई गाडिय़ों को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने भी जमकर लाठीचार्ज किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने दशाश्वमेध घाट समेत चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया है। इस संघर्ष में जख्मी सिपाही मोहम्मद नसीम सहित दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
गंगा में गणेश की मूर्ति विसर्जित करने के मुद्दे पर साधु-संतों और पुलिस के बीच 22 सितंबर को झड़प हुई थी। इस झड़प में कई साधु गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। इसी के विरोध में सोमवार को निकली अन्याय प्रतिकार यात्रा पर पुलिस ने फिर लाठियां बरसाईं। पुलिस की लाठी के जवाब में उग्र भीड़ ने पथराव करने के साथ कई गाडिय़ों को आग के हवाले कर दिया। उग्र भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के साथ रबड़ की गोलियां भी चलाईं। आंसू गोले दागने के साथ कई चक्र हवाई फायरिंग भी की गई।
चौक से लेकर गदौलिया होते हुए मदनपुरा में एक घंटे तक पुलिस-पब्लिक के बीच संघर्ष की स्थिति बनी रही। उग्र भीड़ ने पुलिस बूथ के साथ कई गाडिय़ों को आग के हवाले कर दिया। पथराव में आधा दर्जन पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए हैं। प्रतिकार यात्रा में जुटी हजारों की भीड़ में भगदड़ मचने से इसकी अगवाई करने वाले साधु-संत भी जख्मी हुए हैं।