नई दिल्ली - ट्रक मालिकों की सर्वोच्च संस्था एआईएमटीसी की मौजूदा टोल प्रणाली खत्म करने की मांग के सर्मथन में हड़ताल शुक्रवार दूसरे दिन भी जारी रही और देश के विभिन्न भागों में वस्तुओं की आपूर्ति बाधित रही। हड़ताल से ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, वहीं सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का नुकसान झेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। दूध, फल-सब्जी और दवा जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को हड़ताल के दायरे से बाहर रखा हुआ हैं। फिलहाल कुछ दिनों स्टॉक मार्केट में है।
यदि समय रहते सरकार ने इस ओर ठोस पहल नहीं की तो दिल्ली में खाद्य पदार्थ खासकर दलहन, चावल, आटा, तेल के अलावा अन्य सामानों की कमी होनी शुरू हो जाएगी। लंबा वक्त तक चक्का जा रहा, तो दिल्ली के कारोबारियों को भी नुकसान होगा। वाधवा का कहना है कि यदि केंद्र सरकार ने जल्दी से इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आज से या फिर रविवार से दिल्ली में इसका व्यापाक असर दिखना शुरू हो जाएगा। उनका कहना है कि जब अन्य राज्यों से जरूरतमंद सामान दिल्ली में नहीं पहुंचेगा, तो लोगों को कैसे उपलब्ध होगा?