नई दिल्ली - विदेशी कालेधन के खुलासे के लिए एकबारगी अनुपालन खिडक़ी से सरकार को कोई विशेष राजस्व प्राप्त नहीं होने जा रहा है, क्योंकि इसके तहत कुल 638 लोगों ने 3770 करोड़ रुपए के विदेशी कालेधन की घोषणा की है। सरकार ने कालाधन (अघोषित विदेशी आय एवं संपत्ति) अधिनियम 2015 के तहत 90 दिनों के लिए एकबारगी अनुपालन खिडक़ी शुरू की थी, जिसकी अवधि बुधवार रात समाप्त हो गई।
वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि इसके तहत घोषणा पत्र स्वीकार करने के लिए नामित अधिकारी ने बुधवार मध्य रात्रि तक काम किया और इसके लिए जारी ई-फाइलिंग पोर्टल भी मध्य रात तक खुला हुआ था। इसके बाद यह खिडक़ी बंद हो गई। बयान में कहा गया है कि कुल 638 घोषणा पत्र प्राप्त हुए हैं, जिसमें 3770 करोड़ रुपए के कालेधन का खुलासा किया गया है। इसके तहत घोषित आय या संपत्ति पर 30 फीसदी कर और 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा, जिसका भुगतान 31 दिसंबर, 2015 तक किया जा सकता है।
यह खिडक़ी पहली जुलाई को 30 सितंबर तक के लिए खुली थी। इसका अनुपालन नहीं करने वालों के बारे में विदेशी आय या संपत्ति की जानकारी मिलने पर इस कानून के तहत भारी जुर्माना के साथ ही कारावास का भी प्रावधान है। सरकार को इस अनुपालन खिडक़ी के तहत बड़ी राशि के खुलासे का अनुमान था, लेकिन शुरुआत से ही इसको लेकर लोगों में कोई विशेष उत्साह नहीं दिख रहा था, बल्कि लोगों को इसका बात का सबसे अधिक डर लग रहा था कि यदि इसके तहत संपत्ति का खुलासा कर दिया गया तो फेमा के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस संबंध में कई बार स्पष्टीकरण भी जारी किया और लोगों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए।