नई दिल्ली -पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई लश्कर-ए-तोएबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठनों के साथ मिलकर भारत पर आतंकी हमले की तैयारी कर रही है। इसमें बब्बर खालसा इंटरनेशनल और खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स जैसे सिख आतंकवादी संगठनों को भी शामिल किया गया है। ये सब मिलकर पंजाब, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और भारत के अन्य महत्त्वपूर्ण हिस्सों पर हमले कर सकते हैं।
खुफिया जानकारियों के मुताबिक आईएसआई के अधिकारियों ने हाल ही में इन जेहादी संगठनों के साथ बैठक की है। खबरें हैं कि हमलों की तैयारी के लिए पैसा भी मुहैया करा दिया गया है। लश्कर के संस्थापक और जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद की मदद से 15-20 आतंकवादियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इनमें कई आतंकवादी पाक अधिकृत कश्मीर के रहने वाले हैं। 24 सितंबर को यह जानकारी जम्मू-कश्मीर में तैनात सैन्य बलों और राज्य के अधिकारियों के साथ साझा की गई है।
26 सितंबर को पंजाब सरकार के अलावा बीएसएफ, सीआरपीएफ और डीजीएमआई को भी यह सूचना दे दी गई है। पंजाबी रीति-रिवाजों का दिया ज्ञानसेना और सरकार को बताया गया है कि जिन आतंकवादियों को ट्रेनिंग दी जा रही है उन्हें करतारपुर साहिब के एक गुरुद्वारे में सिख परंपराओं और गुरमुखी लिपि से भी परिचित कराया गया है। ट्रेनिंग के दौरान यह भी ध्यान रखा गया कि इन्हें भारत में कोई पहचान न ले, इसलिए इन्हें पाकिस्तानी पंजाब के गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में दो महीने तक पंजाबी भाषा और रीति-रिवाजों की ट्रेनिंग दी गई। यह ट्रेनिंग इन्हें खलिस्तान जिंदाबाद के मुखिया रंजीत सिंह ने दी। इन आतंकियों ने पंजाब के रास्ते भारत में घुसने की योजना बनाई।